जनता से रिश्ता वेबडेस्क | पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी मनाया जाता है. इस बार यह दिन 13 जनवरी यानी आज है. ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु की पूजा करने वाले जातकों को संतान सुख का वरदान प्राप्‍त होता है. इस व्रत को वैकुंठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. नियमपूर्वक यह व्रत करने वाले जातकों को संतान सुख तो प्राप्‍त होता ही है, साथ ही मरने के बाद वैकुंठ प्राप्‍त होता है. यह भी कहा जाता है कि इसे करने से और विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए केसर, हल्दी, केला आदि का इस दिन दान किया जाता है. अगर आप पहली बार यह व्रत कर रहे हैं तो इसके (Ekadashi Vrat 2022) नियमों (Ekadashi Vrat Rules) को समझ लेना अनिवार्य है. इस व्रत को नियमपूर्वक करने पर ही जातक को सही फल की प्राप्‍त‍ि होती है. जानिये इस व्रत में क्‍या करना चाहि‍ये और क्‍या नहीं करना चाह‍िये

पुत्रदा एकादशी के दिन क्‍या करें 
1. संभव हो तो गंगा स्‍नान करें. और यदि ऐसा ना हो पाए तो स्‍नान के पानी में थोडा सा गंगा जल मिला लें.
2. स्‍नान के बाद भगवान विष्‍णु के सामने दीप जलाएं और व्रत का संकल्‍प लें.
3. गरीब और जरूरतमंदों को दान करें.
4. विवाह में रुकावटें हैं तो हल्‍दी, केसर और केला का दान करें. 
पुत्रदा एकादशी के दिन क्‍या ना करें 
1. पौष पुत्रदा एकादशी के दिन चावल का सेवन ना करें.
2. व्‍यवहार में सात्‍व‍िकता हो. खुद पर से संयम ना खोएं.
3. दूसरों की चुगली ना करें.
4. मांसाहार और मदिरा का सेवन ना करें.
5. ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें.
6. लड़ाई-झगड़े से दूर रहें.
7. शाम के समय ना सोएं. 

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