जानें रामरक्षा स्तोत्र का महत्व और चमत्कारी उपाय
भगवान श्री राम की साधना-आराधना करने के लिए श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ अत्यंत पुण्यदायक साबित होता है
भगवान श्री राम की साधना-आराधना करने के लिए श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ अत्यंत पुण्यदायक साबित होता है. श्री राम की महिमा का गुणगान करने वाले इस स्तोत्र का पाठ करने से भगवान श्री राम की शीघ्र ही कृपा मिलती है और जीवन से जुड़े बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं. इस स्तोत्र का पाठ करने पर भगवान श्री राम उसे सभी सुखों को प्रदान करते हुए अंत में बैकुण्ठ लोग प्रदान करते हैं. राम रक्षा स्तोत्र एक ऐसा अमोघ कवच है, जिसका पाठ करने वाले व्यक्ति का शत्रु उसका बाल भी बांका नहीं कर पाता है. आइए जानते हैं श्री राम रक्षा स्तोत्र से जुड़े महाउपाय के बारे में –
नज़र दोष दूर करने के लिए
यदि आपके बच्चे को अक्सर नजर लग जाती हो तो इससे बचने के लिए आप श्री राम रक्षा स्तोत्र से जुड़ा महाउपाय कर सकते हैं. बच्चे को नज़रदोष से बचाने के लिए शुभ मुहूर्त में सिद्ध किया हुआ रामरक्षास्तोत्र लाल स्याही से कागज पर लिखें और धूप-दीप देने के पश्चात् ताबीज में डालकर बच्चे को पहना दें.
वाहन दुर्घटना से बचने के लिए
यदि आपको अक्सर वाहन के दुर्घटना ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है या फिर आए दिन आपके वाहन का एक्सीडेंट होता रहता हो तो आपको इससे बचने के लिए शुभ मुहूर्त में यह रामरक्षास्तोत्र एक कागज पर लाल स्याही से लिखकर ताबीज में भर कर अपनी गाड़ी में अन्दर की ओर स्टेयरिंग पर या फिर सामने कहीं बांध लेना चाहिए. इस उपाय को करने पर वाहन से जुड़ी तमाम तरह की बाधाएं दूर हो जाएंगी और आपका सफर हमेशा सुहाना होगा.
भूत-प्रेत बाधा से बचने के लिए
यदि आपको अक्सर किसी भूत-प्रेत बाधा को लेकर भय बना रहता है तो आपके लिए श्री राम रक्षा स्तोत्र किसी वरदान से कम नहीं है. किसी भी प्रकार की उपरी बाधा से बचने के लिए आपको इस दिव्य मंत्र के जाप द्वारा अभिमंत्रित किया हुा जल स्वयं पीना चाहिए और उसके बाद पीड़ित व्यक्ति को इस पवित्र जल से अभिमंत्रित करना चाहिए.
घर की कलह को दूर करने के लिए
यदि आपको लगता है कि आपके घर में कलह ने प्रवेश कर लिया और आपके यहां आए दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता है तो आपको किसी भी पूर्णिमा या फिर प्रदोष के दिन श्री राम रक्षा स्तोत्र का 11 पाठ के माध्यम से अभिमंत्रित किए हुए जल में थोड़ा सा गोमूत्र मिलाकर पूरे घर में छिड़कना चाहिए.
(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)