जनता से रिश्ता वेबडेस्क।    हरियाली तीज (Hariyali Teej) का व्रत 31 जुलाई को है. इस दिन सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और तीज माता की विधिपूर्वक पूजा करती हैं. तीज माता देवी पार्वती को कहते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. माता पार्वती ने अपने कठोर तप और व्रत से सावन माह में भगवान शिव को प्रसन्न किया था, जिसके परिणामस्वरूप भगवान शिव प्रसन्न हुए थे. उसके बाद वे दोनों विवाह बंधन में बंधे. भगवान शिव माता पार्वती के अमर सुहाग हैं. देवी पार्वती को अखंड सौभाग्य प्राप्त है. इस वजह से महिलाएं हरियाली तीज के दिन माता पार्वती की पूजा और आरती (Aarti) करती हैं, ताकि वे प्रसन्न हों और उनको भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करें.

आरती की विधि
आरती के पूर्व विधिपूर्वक माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा कर लें. उसके पश्चात घी का दीपक जलाएं, यदि दीपक नहीं है, तो कपूर से माता की आरती करें. आरती के समय घंटी और शंख बजाते रहें और सिर पर कोई कपड़ा अवश्य रख लें. खाली सिर आरती नहीं करते हैं. आरती समापन पर उसे घर में सभी जगह लेकर जाएं. दीपक के शांत होने पर उसे पूजा स्थान पर एक जगह रख दें.
हरियाली तीज आरती
जय पार्वती माता, जय जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता।।
जय पार्वती माता…

अरिकुल पद्मा विनासनी, जय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता…

सिंह को वाहन साजे, कुंडल है साथा।
देव वंधु जस गावत, नृत्य करत ताथा।
जय पार्वती माता…

सतयुग रूप शील अति सुन्दर, नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी, सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता…
शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता।
सहस्त्र भुज तनु धरिके, चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता…

सृष्ट‍ि रूप तुही जननी, शिव संग रंगराता।
नंदी भृंगी बीन लाही, हथान मदमाता।
जय पार्वती माता…

देवन अरज करत, तव चित को लाता।
गावत दे दे ताली, मन में रंगराता।
जय पार्वती माता…

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।
सदा सुखी रहता, सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता…

जय पार्वती माता, जय जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता।।
जय पार्वती माता…
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