सूर्य देव को जल चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

हिंदू धर्म में सभी देवताओं का अपना स्थान और महत्व है. सभी देवताओं के दिन और उनकी पूजा-विधि भी अलग-अलग होती है. इसी तरह रविवार का दिन भगवान सूर्य देव का माना जाता है.

Update: 2022-09-11 06:09 GMT

हिंदू धर्म में सभी देवताओं का अपना स्थान और महत्व है. सभी देवताओं के दिन और उनकी पूजा-विधि भी अलग-अलग होती है. इसी तरह रविवार का दिन भगवान सूर्य देव का माना जाता है. सूर्य देव की नियमित पूजा करने से उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है. सूर्य को जल अर्पित करने से तेज और सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है. परंतु सूर्य देव को जल चढ़ाते समय कुछ बातों को ध्यान में रखने से लाभ दोगुना हो जाता है. पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि भगवान सूर्य देव की पूजा, जल अर्पित करने से बल, बुद्धि, ज्ञान, तेज और पराक्रम की प्राप्ति होती है. आइये जानते हैं कि सूर्य देव को जल चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

हिंदू धर्म के अनुसार, अगर कुंडली में सूर्य कमजोर है तो उसे नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए. यदि बार-बार प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिल रही हो तो सूर्य देव की पूजा करने के साथ ही जल अर्पित करना शुभ होता है.

सूर्य देव की नियमित पूजा करने और जल चढ़ाने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है. इससे व्यक्ति का मन शांत रहता है. वह स्वंय को ऊर्जावान महसूस करता है. प्रतिदिन सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति की बुद्धि का विकास होता है. व्यक्ति के अहंकार और क्रोध का नाश होता है. घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य को जल अर्पित करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए. सूर्य देव को हमेशा तांबे के लोटे में ही जल चढ़ाना चाहिए. पानी में फूल, कुमकुम और अक्षत डालना शुभ माना जाता है. मुंह हमेशा पूर्व दिशा में होना चाहिए. ध्यान रखें कि सूर्य को जल चढ़ाते समय जूते-चप्पल नहीं पहनना चाहिए. सूर्य को जल अर्पित करते समय गिरती धार में सूर्य देव की किरणों को देखना शुभ माना जाता है.


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