Karwa Chauth ज्योतिष न्यूज़: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है लेकिन करवा चौथ व्रत को बहुत ही खास माना गया है जो कि हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर किया जाता है। यह व्रत सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है करवा चौथ के दिन महिलाएं कठिन उपवास रखती है और करवा माता की विधिवत पूजा करती है।
करवा चौथ पर दिनभर निर्जला उपवास किया जाता है और शाम के समय सोलह श्रृंगार करके पूजा होती है और व्रत कथा सुनी जाती है। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर दिन रविवार को किया जाएगा। इस दिन पूजा पाठ के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें ऐसा करने से शादीशुदा जीवन में खुशहाली आती है और व्रत पूजा का पूर्ण फल भी मिलता है।
 करवा चौथ व्रत की कथा—
प्रचलित कथा के अनुसार, किसी समय एक गांव में एक ब्राह्मण अपने 7 बेटों और एक बेटी के साथ रहता था। बेटी का नाम वीरावती था। विवाह योग्य होने पर घर वालों ने वीरावती का विवाह कर दिया। करवा चौथ आने पर वीरावती ने व्रत किया लेकिन भूख-प्यास के कारण वह बेहोश हो गई।
 बहन को बेहोश देख भाइयों ने पेड़ के पीछे से मशाल का उजाला दिखाकर बहन का व्रत तुड़वा दिया। वीरावती ने जैसे ही भोजन किया, उसके पति की मृत्यु हो गई। रात में देवराज इंद्र की पत्नी जब धरती पर आई तो उन्होंने वीरावती की ऐसी हालत देखी। उन्होंने वीरावती से अगली बार फिर से करवा चौथ व्रत करने को कहा। इस व्रत के प्रभाव से वीरावती का पति पुन: जीवित हो गया।
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