ज्येष्ठ पूर्णिमा आज: सुख-समृद्धि के लिए जरूर करें ये 6 शुभ कार्य

Update: 2026-06-29 09:12 GMT
Jyeshtha Purnima 2026 ज्योतिष न्यूज़ : आज 29 जून को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि और इसी के साथ ज्येष्ठ माह खत्म हो जाएगा। इस बार अधिकमास के कारण ज्येष्ठ माह करीब दो महीने तक चला। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान, दान, पितरों को तर्पण करने की मान्यता है, इससे जीवन में अक्षय पुण्यम की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के बाद आषाढ़ माह की शुरुआत होगी। पूर्णिमा तिथि पर भगवान कई तरह के शुभ कार्य और अनुष्ठान किए जाते हैं। धार्मिक मान्ताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्य करने से जीवन में धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होताा है। इस दिन पूजा पाठ करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से कृपा मिलती है। आइए जानते हैं ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन कौन-कौन से
शुभ कार्य करना लाभकारी होता
है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण का व्रत और कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण का व्रत रखना और कथा सुनना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। इस दिन सत्यनारायण की कथा सुनने से जीवन में सुख-समृद्धि और हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। कथा सुनने के बाद ब्राह्राणों और गरीबों को भोजन करवाना बहुत ही शुभ होता है।
पवित्र नदियों में स्नान का महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गंगा नदी समेत दूसरी पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन अगर संभव ना हो तो नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूदों को मिलाकर इस दिन स्नान अवश्य करें।
पितरों का तर्पण करने का महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पितरों को तर्पण करने का सबसे अच्छा विधान माना जाता है। इस उपाय से पितरदेव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है। साथ ही परिवार में सुख-शांति की प्राप्ति होती है और उन्नति के अवसरों में वृद्धि होती है।
जल और दूसरे पेय चीजों का दान करें
ज्येष्ठ माह में जल दान करने का विशेष महत्व होता है। इस माह गर्मी ज्यादा होने के कारण जरूरमंद लोगों को जल का दान करना बहुत ही पुण्य माना जाता है। इसके अलावा इस दिन दूसरे पेय चीजें जैसे शरबत, बेल का शरबत और आम रस का वितरण करना अच्छा माना जाता है।
छाता, चप्पल और वस्त्रों का दान करें
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर छाया दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन छाता, चप्पल और वस्त्रों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
तुलसी और पीपल की पूजा करें
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना जाता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर माता तुलसी की पूजा करने और दीपक अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा ज्येष्ठ अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा करने से सभी तरह के पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है।
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