Falgun Amavasya पर पूर्वजों की पानी है कृपा तो ऐसे करें पूजा

Update: 2025-02-27 08:27 GMT
Falgun Amavasya ज्योतिष न्यूज़ : हिंदू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या तिथि को खास माना गया है जो कि हर माह में एक बार पड़ती है पंचांग के अनुसार अभी फाल्गुन मास चल रहा है और इस माह पड़ने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या के नाम से जाना जाता है जो कि बेहद ही खास होती है
अमावस्या के दिन स्नान, दान और पूजा पाठ करना लाभकारी होता है मान्यता है कि इस दिन स्नान दान और व्रत करने से कष्टों का निवारण हो जाता है इस साल फाल्गुन अमावस्या 27 फरवरी यानी आज मनाई जा रही है
इस दिन स्नान दान और पूजा पाठ करना लाभकारी माना जाता है तो आज हम आपको फाल्गुन अमावस्या की पूजा विधि के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
फाल्गुन अमावस्या की पूजा विधि—
आपको बता दें कि आज सुबह उठकर पवित्र नदी में स्नान करें या फिर घर पर ही स्नान करें। इसके बाद ​तिल, गुड़, आटे के पिंड बनाकर पितरों को अर्पित करें। पितृ तर्पण के लिए जल में काले तिल डालकर अर्पण करना चाहिए। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा का दान जरूर करें। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्यंजय मंत्र का जाप करें।
फाल्गुन अमावस्या मंत्र—
ॐ पितृ देवतायै नमः।।
ॐ आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम।।
ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृः प्रचोदयात्।।
फाल्गुन अमावस्या का दिन पूर्वजों की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए उत्तम होता है.
Falgun amavasya 2025 puja vidhi and significance
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