जनता से रिश्ता वेबडेस्क। मृत्यु' जीवन का अटल सत्य है, जिसे चाहकर भी कोई नहीं रोक सकता. कलयुग में मृत्यु ही एक मात्र ऐसा मार्ग है जो समय आने पर अच्छे-बुरे सभी का खात्मा कर देती है. मृत्यु क्या है, मृत्यु उपरांत आत्मा के साथ क्या होता है और मृत्यु से जुड़ी हर एक बात जो मनुष्य को जाननी चाहिए यह सब गरुड़ पुराण में दर्ज है. गरुड़ पुराण में व्यक्ति के लिए कई बातों के बारे में विस्तार से बताया गया है कि जीवन में किन कार्यों को करके पापों का नाश हो जाता है और व्यक्ति मृत्यु के बाद सद्गति को प्राप्त होता है. गरुड़ पुराण में बताई गई सभी बातें स्वयं नारायण ने बताई हैं. इतना ही नहीं, गरुड़ पुराण में व्यक्ति के पुनर्जन्म तक के बारे में बताया गया है. धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि गरुड़ पुराण में बताई गई बातों का अनुसरण करके मनुष्य अपने पापों को नष्ट कर सद्गति को प्राप्त कर सकता है.

1. भगवान विष्णु की पूजा

प्रत्येक हिन्दू को अपने जीवन में कम से कम एक बार भगवान विष्णु या उनके अवतार की पूजा अवश्य करनी चाहिए, भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं. भगवान विष्णु के दस अवतारों का भी नियमित नाम-जाप करने से जीवन एवं जीवन के बाद के सभी संकट दूर होते हैं.
2. एकादशी व्रत
वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं और यदि अधिक मास लग जाए तो यह एकादशियां बढकर 26 हो जाती हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एकादशी को श्रेष्ठ बताया गया है और इस दिन व्रत करने से भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं ऐसी मान्यता भी है. कहते हैं एकादशी का व्रत करने से जीवन में एकाग्रशक्ति की प्राप्ति होती है, मन भटकाव से बचा रहता है और मृत्यु पश्चात भी एकादशी के व्रत से मिला पुण्य काम आता है.
3. गंगा स्नान
हिन्दू धर्म में गंगा को केवल नदी ना कहकर देवी का दर्जा दिया गया है। कहते हैं यह नदी महान है, पवित्र है, इसलिए इस नदी में स्नान करने वाला प्रत्येक मनुष्य पुण्य को प्राप्त करता है. अगर आप गंगा तट पर जा कर नहीं स्नान कर सकते, तो गंगा जल को किसी बाल्टी या तब में पानी में मिक्स करके स्नान करने से भी व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं.
4. तुलसी की पूजा
गरुड़ पुराण में तुलसी को भी परमधाम ले जाने वाला बताया गया है. कहते हैं कि श्री नारायण को तुलसी अत्यंत प्रिय है.अगर व्यक्ति नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा करता है, तो उसे मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं, मरते समय अगर व्यक्ति के मुंह में तुलसी पत्र डाल दिए जाएं तो व्यक्ति परमधाम को प्राप्त होता है.
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