जनता से रिश्ता बेवङेस्क | एक धनी व्यक्ति के पीछे बदमाश लग गए। रात का समय था। वे उसके धन के मालिक बनना चाहते थे। उसे मार देने की योजना थी। उसे पकड़ लिया। काफी जख्मी कर दिया और कमरे में बंद कर दिया। नशे में मस्त हो गए।

वह किसी भी तरह से भागने में सफल हो गया। एक घर में छुपने के लिए दरवाजा खटखटाया। लड़की ने दरवाजा खोला। उससे सहायता मांगी। लड़की ने काफी जख्मी देखकर सहारा दे दिया। धनी ने कहा, ''मेरे पीछे बदमाश लगे हुए हैं।''

लड़की ने छुपा दिया। रात को मरहम-पट्टी की। लड़की ने सुबह सुरक्षित भेज दिया। वह धनी धन्यवाद करके चला गया। कुछ समय के बाद वह धनी उस लड़की के घर आया। प्रार्थना की, ''मैं अपनी सारी सम्पत्ति तुम्हारे नाम करना चाहता हूं। उस रात बचाकर तुमने मुझे नई जिंदगी दी है।''

लड़की ने विनयपूर्वक धनी के आग्रह को अस्वीकार कर दिया। ''मेरा यह कर्तव्य था। मैंने पूरा किया।''

धनी ने कहा कि मेरे बाद मेरा कोई नहीं है जो अच्छी तरह से इसे संभाल सके। मैंने अच्छा जीवन व्यतीत किया है। मैं इस धन को किसी उपयुक्त को सौंप कर शांति से मरना चाहता हूं।

लड़की ने कहा, ''आपने समाज से धन कमाया है। इसलिए समाज के लिए जिएं। समाज पर ही धन लगा दें। एक रात का पुण्य कमा लें।''

लड़की की नि:स्वार्थ भावना को देख कर उस धनी का गरीबों की सेवा करना मिशन बन गया। धनी का जीवन बदल गया।

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