हनुमान जन्मोत्सव, जिसे हनुमान जयंती के नाम से भी जाना जाता है, भगवान हनुमान को समर्पित एक अत्यंत शुभ दिन है। हिंदू पौराणिक कथाओं में पवनपुत्र हनुमान का विशेष स्थान है। भक्त उनसे शक्ति, साहस, सुरक्षा और भक्ति का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी पूजा करते हैं। दिवाली से पहले, कई भक्त भगवान हनुमान की प्रार्थना करते हैं। भारत के कई हिस्सों में, दिवाली से एक दिन पहले 'काली चौदस' (जिसे नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली भी कहा जाता है) के दिन भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। लेकिन दिवाली से पहले भगवान बजरंगबली की पूजा क्यों की जाती है? हनुमान पूजा का मुहूर्त, इससे जुड़ी रीतियां और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां नीचे दी गई हैं।
हनुमान जन्मोत्सव 2026
वैसे तो हनुमान जयंती मुख्य रूप से चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, लेकिन कुछ राज्यों में हनुमान जन्मोत्सव (भगवान हनुमान की जयंती) कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से गुजरात और उत्तर प्रदेश (विशेषकर अयोध्या) में मनाया जाता है।
गुजरात में, इस दिन को 'हनुमान पूजा' के रूप में जाना जाता है। इस दिन भक्त भगवान हनुमान को विशेष प्रार्थनाएं अर्पित करते हैं, साथ ही उन्हें तेल और सिंदूर चढ़ाते हैं, ताकि उन्हें बुराइयों से लड़ने के लिए शक्ति, साहस और सुरक्षा का आशीर्वाद मिल सके। वहीं, भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में, प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। स्थानीय परंपराओं और कुछ धार्मिक पंचांगों के अनुसार, यही वह चतुर्दशी तिथि है जब भगवान हनुमान का प्राकट्य हुआ था।
अयोध्या में हनुमान जन्मोत्सव 2026
अयोध्या में हनुमान जन्मोत्सव कार्तिक महीने में मनाया जाता है। इस वर्ष, यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाएगा। पांच दिनों का यह महोत्सव प्रयागराज में संगम के तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध 'श्री बड़े हनुमान मंदिर' में वैदिक अनुष्ठानों और महागणपति हवन के साथ शुरू हो चुका है। हनुमान पूजा का शुभ समय
द्रिक पंचांग के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव 7 नवंबर 2026 दिन शनिवार को मनाया जाएगा.
दीपावली हनुमान पूजा मुहूर्त - रात्रि 11:56 बजे से रात्रि 12:47 बजे तक, 08 नवंबर
चतुर्दशी तिथि आरंभ - 07 नवंबर, 2026 को सुबह 10:47 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त - 08 नवंबर, 2026 को सुबह 11:27 बजे
शनिवार, 7 नवंबर 2026 को काली चौदस