Guru Purnima की तिथि और मुहूर्त का खुलासा, जानें क्यों है यह दिन खास

Update: 2025-06-17 10:27 GMT
Guru Purnima ज्योतिष : न्यूज़ हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है और हिंदू धर्म में इस दिन खास महत्व माना गया है. गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा, वेद व्यास पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन लोग अपने गुरुओं के प्रति आभार प्रकट करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं. गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गंगा स्नान करना बहुत ही शुभ माना गया है. गंगा स्नान के बाद दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है. आइए जानते हैं इस साल कब मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा का पर्व और इसका धार्मिक महत्व.
वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि 10 जुलाई को रात 1 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 11 जुलाई को रात 2 बजकर 7 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा.
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह 4 बजकर 10 मिनट से लेकर 4 बकर 50 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा और इस मुहूर्त में गंगा स्नान करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से लेकर 3 बजकर 40 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा. वहीं शाम 7 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 41 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा. जिसे पूजा-पाठ के लिए शुभ माना गया है.
सनातन धर्म में गुरुओं को भगवान का दर्जा दिया गया है और इसलिए गुरु पूर्णिमा का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. गुरु का हमारे जीवन में विशेष स्थान होता है. क्योंकि माता-पिता के बाद गुरु ही वह व्यक्ति होता है जो कि आपको सही रास्ता दिखाता है. गुरु अपने शिष्य को अंधकार से बाहर निकालकर सफलता के मार्ग तक ले जाते हैं. धर्म शास्त्रों में गुरु पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने अपने पहले सात शिष्यों, सप्त ऋषियों को सर्वप्रथम योग का विज्ञान प्रदान किया था और इसी दिन वैदिक ज्ञान के सूत्रधार म​हर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था.
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