एकदंत चतुर्थी पर करें ये खास उपाय, दूर होगी समस्याएं

Update: 2024-05-20 12:22 GMT
ज्योतिष न्यूज़  : हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन भगवान श्री गणेश को समर्पित एकदंत चतुर्थी का पर्व बेहद ही खास माना जाता है । इस दिन भक्त भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा करते हैं और दिनभर का उपवास भी रखते हैं
 पंचांग के अनुसार पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं जो भक्त इस दिन गणेश जी की विधिवत पूजा आराधना और व्रत करता है उसके जीवन के संकट टल जाते हैं इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे भविष्य के लिए निर्जला व्रत रखकर श्री गणेश की आराधना करती है इस बार एकदंत चतुर्थी का व्रत 26 मई को रखा जाएगा। ऐसे में हम आपको एकदंत चतुर्थी पर किए जाने वाले उपाय बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
 ज्येष्ठ एकदंत संकष्टी चतुर्थी की तारीख और मुहूर्त—
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकदंत संकष्टी चतुर्थी 26 मई दिन रविवार को पड़ रही है जीवन में आने वाली सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए आप इस दिन उपवास जरूर करें और भगवान गणेश की भक्ति आराधना में लीन रहें। इसके अलावा संध्याकाल श्री गणेश जी की पूजा के बाद आप चंद्रमा की पूजा उपासना भी जरूर करें।
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 25 मई को शाम 6 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो रही है और 26 मई को शाम 6 बजकर 6 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा शाम की पूजा का समय 7 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
 इन उपायों से होगा खूब लाभ—
अगर आपका कोई काम लंबे वक्त से रुका पड़ा है तो ऐसे में एकदंत चतुर्थी के शुभ दिन पर संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ भक्ति भाव से करीब 11 बार करें। माना जाता है कि ऐसा करने से लाभ मिलता है। जीवन की परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए इस दिन श्री गणेश को गुड़ के लड्डूओं का भोग लगाएं। इनकी संख्या 11 या 21 होनी चाहिए। ऐसा करने लाभ जरूर मिलेगा। करियर कारोबार में तरक्की व कार्य सिद्धि के लिए आप इस दिन उपवास रखकर गणेश चालीसा का पाठ जरूर करें।
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