अष्टलक्ष्मी कुबेर मंत्र के जाप से होगी 'धन वर्षा', जानें विधि
भगवान कुबेर धन, वैभव और समृद्धि के प्रतीक हैं. भगवान कुबेर को ‘यक्ष के राजा’ और ‘देवताओं के खजाने’ के रूप में भी जाना जाता है
भगवान कुबेर धन, वैभव और समृद्धि के प्रतीक हैं. भगवान कुबेर को 'यक्ष के राजा' और 'देवताओं के खजाने' के रूप में भी जाना जाता है. यही वजह है कि दिवाली से पहले धनतेरस पर धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा की जाती है. भगवान कुबेर भक्तों की प्रार्थना से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं.
कुबेर मंत्र का जाप करने से आर्थिक परेशानी दूर हो सकती है और घर को धन और समृद्धि से भर सकता है. आइये जानते हैं पंडित इंद्रमणि घनस्याल से कुबेर मंत्र के उपाय के बारे में विस्तार से.
कुबेर मंत्र का जाप करने का महत्व
भगवान कुबेर को धन का देवता कहा जाता है. मां लक्ष्मी के साथ कुबेर भगवान की पूजा करने से जीवन भर किसी चीज की कमी नहीं रहती है. कुबेर मंत्र जाप करने से अपार धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है. ज्योतिषियों के अनुसार, कुबेर मंत्र का जाप करने से भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इससे घर परिवार में धन, समृद्धि और सुख का वास होगा.
अष्टलक्ष्मी कुबेर मंत्र जाप विधि
सुबह स्नान करने के बाद पूजा स्थल तैयार करें. एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर गंगाजल छिड़कें. चौकी पर महालक्ष्मी और श्री कुबेर की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद घी का दीपक, धू और अगरबत्ती जलाएं. पुष्प अर्पित करें और प्रतिमा पर लाल कुमकुम का तिलक करें. इसके बाद 108 मनकों की माला दाहिनें हाथ में लेकर जाप शुरू करें. इसके पश्चात मंत्र का उच्चारण करें.
'ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥'
इन बातों का रखें ध्यान
मंत्र जाप करने के बाद हाथ जोड़कर ईश्वर से प्रार्थना करें कि वह सभी कष्ट दूर करें. परिवार को आर्थिक रूप से संपन्न बनाएं. इसके बाद मां लक्ष्मी और श्री कुबेर की परिवार सहित आरती करें. उन्हें भोग लगाकर अंत में दण्डवत प्रणाम करें.