भगवन कुबेर को प्रसन्न करने के लिए करें इस सुप्रसिद्ध मंत्र का जाप
हिन्दू धर्म में अलग-अलग देवताओं की अराधना अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की जाती है।
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हिन्दू धर्म में अलग-अलग देवताओं की अराधना अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की जाती है। जैसे मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा धन के लिए करते हैं। कुबेर देव को धन का देवता माना जाता है। वे देवताओं के कोषाध्यक्ष कहे जाते हैं। इनकी कृपा से किसी को भी धन प्राप्ति के योग बन जाते हैं। कुबेर को प्रसन्न करने का सुप्रसिद्ध मंत्र इस प्रकार है-
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये॥
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
यह देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव का अमोघ मंत्र है। इस मंत्र का तीन माह तक रोज 108 बार जप करें। जप करते समय अपने सामने एक कौड़ी (धनलक्ष्मी कौड़ी) रखें। तीन माह के बाद प्रयोग पूरा होने पर इस कौड़ी को अपनी तिजोरी या लॉकर में रख दें। कहते हैं कि ऐसा करने पर कुबेर देव की कृपा से आपका लॉकर कभी खाली नहीं होगा। हमेशा उसमें धन भरा रहेगा।