Bhauma Pradosh ज्योतिष न्यूज़ : सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है, लेकिन प्रदोष व्रत को बेहद ही खास माना गया है जो कि हर माह में पड़ता है। इस दिन भक्त उपवास आदि रखते हुए भगवान शिव की विधिवत पूजा करते हैं माना जाता है कि प्रदोष व्रत शिव साधना को समर्पित है
इस दिन पूजा पाठ और व्रत करने से प्रभु की कृपा प्राप्त होती है और कष्ट दूर हो जाते हैं। फरवरी माह का दूसरा प्रदोष व्रत आज यानी 25 फरवरी दिन बुधवार को किया जाएगा। इस दिन शिव पार्वती की पूजा करना उत्तम माना जाता है, तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा पूजा की सरल विधि बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त—
आपको बता दें कि 25 फरवरी यानी आज शुभ चौघड़ियां दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शाम 4 बजकर 52 मिनट तक है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 52 मिनट से 9 बजकर 26 मिनट तक लाभ चौघड़िया है।
शिव पूजा की सरल विधि—
प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण कर मन को शांत रखें। फिर पूजा स्थल पर शिवलिंग की स्थापना करें और व्रत का संकल्प करें। अब शिवलिंग का अभिषेक पंचामृत से करें। पंचांमृत में दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाएं। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें।
पूजा के समय धूप दीपक जलाकर भगवान शिव की पूजा करें फिर ॐ नमः शिवाय इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। पूजा समाप्त होने के बाद भगवान शिव की आरती करें। आखिर में शिव जी को सफेद चीजें जैसे खीर का प्रसाद अर्पित करें। माना जाता है कि इस विधि से प्रदोष व्रत की पूजा करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है।