गुरुवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना हो सकता है नुकसान
गुरुवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम
Guruwar Niyam: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह को समर्पित माना गया है. इसी क्रम में गुरुवार, यानी बृहस्पतिवार, देवताओं के गुरु बृहस्पति और संसार के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. कुंडली में गुरु ग्रह को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवाह और भाग्य का कारक माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गुरुवार के दिन जाने-अनजाने में की गई कुछ गलतियां देवगुरु बृहस्पति को रुष्ट कर सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि गुरुवार के दिन किन कार्यों से बचना चाहिए.
बाल धोना, कटवाना और शेविंग करना
शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार के दिन महिलाओं को भूलकर भी बाल नहीं धोने चाहिए. मान्यता है कि महिलाओं की कुंडली में बृहस्पति पति और संतान का कारक होता है. इस दिन सिर धोने से गुरु ग्रह कमजोर होता है, जिसका सीधा प्रभाव पति और संतान की उन्नति पर पड़ता है. इसके अलावा, पुरुषों को भी इस दिन बाल, दाढ़ी या नाखून काटने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आयु और धन की हानि होने की मान्यता है.
घर में पोछा लगाना और भारी साफ-सफाई करना
गुरुवार के दिन घर में पोछा लगाना या कबाड़ बाहर निकालना वर्जित माना गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) का स्वामी गुरु ग्रह होता है. इस दिन अत्यधिक साफ-सफाई या पोछा लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और माता लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ने की आशंका रहती है.
पैसों का लेन-देन
गुरुवार को न तो किसी को कर्ज देना चाहिए और न ही किसी से उधार लेना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन दिया गया धन आसानी से वापस नहीं आता और लिया गया कर्ज लंबे समय तक बना रह सकता है. इस दिन धन का लेन-देन करने से गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव कमजोर पड़ सकता है.
साबुन का इस्तेमाल और कपड़े धोना
बृहस्पतिवार के दिन कपड़े धोने और साबुन के अधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इस दिन मैले कपड़े धोने से घर की समृद्धि भी पानी के साथ बह जाती है. यदि बहुत आवश्यक हो, तो कपड़ों को केवल सादे पानी से धो सकते हैं, लेकिन साबुन या डिटर्जेंट का प्रयोग करने से बचना चाहिए.
केले का सेवन करना
चूंकि गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के प्रतीक स्वरूप केले के पेड़ की पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन केले का फल खाना निषेध माना गया है. इस दिन केले के पौधे में जल अर्पित करना और शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, लेकिन केले का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है.