जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Aaj Ka Panchang: हिन्दी पंचांग के अनुसार, आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज दिन शनिवार और तारीख 04 सितंबर 2021 है। आज सुबह 08:25 बजे के बाद से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो रही है, इसलिए आज शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से पुत्र की प्राप्ति ​होती है। शिव कृपा से जीवन के सभी कष्ट मिटते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आज शनिवार को आपको रुद्रावतार हनुमान जी और न्याय के देवता शनि देव की भी आराधना करनी चाहिए। आज के पंचांग में राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

आज का पंचांग
दिन: शनिवार, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि।
आज का दिशाशूल: पूर्व।
आज का राहुकाल: प्रात: 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।
आज का पर्व एवं त्योहार: शनि प्रदोष।
विक्रम संवत 2078 शके 1943 दक्षिणायन, उत्तरगोल, वर्षा ऋतु भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी 08 घंटे 25 मिनट तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी पुष्य नक्षत्र 17 घंटे 45 मिनट तक, तत्पश्चात् आश्लेषा नक्षत्र वरियान योग 09 घंटे 37 मिनट तक, तत्पश्चात् परिघ योग कर्क में चंद्रमा।
शनि प्रदोष 2021 पूजा मुहूर्त
शनि प्रदोष पूजा के लिए मुहूर्त शाम 06 बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 56 मिनट तक है।
आज का शुभ समय
अभिजित मुहूर्त: आज दिन में 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 26 मिनट से दोपहर 03 बजकर 17 मिनट तक।
अमृत काल: आज दिन में 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक।
सर्योदय और सूर्यास्त
आज के दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 01 मिनट पर हुआ है, वहीं सूर्यास्त शाम को 06 बजकर 39 मिनट पर होगा।
 चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय 05 सितंबर को प्रात: 03 बजकर 58 मिनट पर होगा। चंद्रास्त का समय उसी दिन शाम 05 बजकर 14 मिनट पर है।
आज शनि प्रदोष के दिन शिव चालीसा, शिव स्तोत्र आदि का पाठ करना श्रेष्ठ रहता है। इस दिन​ शिव मंत्रों का जाप भी कल्याणकारी होता है। आज शनिवार के दिन आप हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का भी पाठ करें, तो मंगलकारी होगा। आज आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।


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