शक संवत 1948, आश्विन, शुक्ल, चतुर्दशी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 25 अक्टूबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, हेमंत ऋतु। राहुकाल शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 00 मिनट तक। चतुर्दशी तिथि पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ।
रेवती नक्षत्र सायं 07 बजकर 22 मिनट तक उपरांत अश्विनी नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग सायं 05 बजकर 22 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। वणिज करण पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट तक उपरांत विष्टि (भद्रा) करण का आरंभ। चन्द्रमा सायं 07 बजकर 22 मिनट तक मीन राशि पर उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:28 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 05:42 बजे
चंद्रोदय का समय: सायं 05:00 बजे
चंद्रास्त का समय: अगले दिन तड़के 06:23 बजे (26 अक्टूबर)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: तुला राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मीन राशि में (सायं 07:22 बजे तक), फिर मेष राशि में प्रवेश
आज का शुभ मुहूर्त 25 अक्टूबर 2026 :
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : सायं 05 बजकर 05 मिनट से 06 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।
कोजागरा पूजा निशीता समय : रात 11 बजकर 40 मिनट से 26 अक्टूबर, तड़के 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 25 अक्टूबर 2026 :
उद्वेग (अशुभ) : सुबह 06 बजकर 28 मिनट से 07 बजकर 52 मिनट तक।
चर (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 52 मिनट से 09 बजकर 16 मिनट तक।
लाभ (उन्नति) : सुबह 09 बजकर 16 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 25 अक्टूबर 2026 :
राहुकाल : शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
कोजागरा पूजा और शरद पूर्णिमा 2026
कोजागरा पूजा निशीता समय: 25 अक्टूबर, रात 11:40 से 26 अक्टूबर, तड़के 12:31 बजे तक
अवधि: 00 घंटे 51 मिनट
चंद्रोदय समय (कोजागरा पूजा दिवस): शाम 05:00 बजे
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 25 अक्टूबर, सुबह 11:55 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 26 अक्टूबर, सुबह 09:41 बजे
आज का उपाय :आज रविवार व शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर माता लक्ष्मी और चंद्रमा की विधिवत पूजा करें, दूध और चावल की खीर बनाकर चांदनी रात में रखें और जरूरतमंदों को दान करें।