शक संवत 1948, आश्विन, शुक्ल, चतुर्थी, बुधवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 14 अक्टूबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक। चतुर्थी तिथि अगले दिन तड़के 01 बजकर 13 मिनट (15 अक्टूबर) तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।

अनुराधा नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 03 मिनट (15 अक्टूबर) तक उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का आरंभ। आयुष्मान योग रात्रि 08 बजकर 39 मिनट तक उपरांत सौभाग्य योग का आरंभ। वणिज करण दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक उपरांत विष्टि (भद्रा) करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन-रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।

 सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:21 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 05:53 बजे

चंद्रोदय का समय: प्रातः 09:49 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 07:57 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 14 अक्टूबर 2026 :

अभिजीत मुहूर्त : कोई नहीं।

अमृत काल : सायं 04 बजकर 38 मिनट से सायं 06 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 14 अक्टूबर 2026 :

लाभ (उन्नति) : सुबह 06 बजकर 21 मिनट से 07 बजकर 48 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 07 बजकर 48 मिनट से 09 बजकर 14 मिनट तक।

काल (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 40 मिनट तक।

शुभ (उत्तम) : सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 14 अक्टूबर 2026 :

PM Kisan Samman Nidhi: क्या किसानों को मिलेंगे 4000 रुपये, 24वीं किस्त को लेकर कैसी खबर?

राहुकाल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज बुधवार व नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा और भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें, देवी को मालपुआ का भोग लगाएं और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

 

Tags: