Gayatri Mantra के नियमित जाप से मिलने वाले 7 अद्भुत लाभ

Update: 2025-06-15 05:24 GMT
Gayatri Mantra ज्योतिष न्यूज़: गायत्री मंत्र को सभी वेदों का सार माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार गायत्री वेदों की जननी है और इसमें मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करने की क्षमता है। चाहे वह नौकरीपेशा व्यक्ति हो या व्यापारी, विद्यार्थी हो या गृहिणी, गायत्री मंत्र का जाप करने से सभी लोगों के कष्ट दूर होते हैं। आप भी जानें ये फायदे:
विद्यार्थियों के लिए चमत्कारी है यह मंत्र
विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत लाभकारी है। इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करने में आसानी होती है। पढ़ाई में ध्यान न लगा पाना, याद किया हुआ भूल जाना, जल्दी याद न कर पाना आदि समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है।
व्यापारियों और कामकाजी लोगों के लिए उपयोगी
यदि व्यापार या नौकरी में घाटा हो रहा हो या काम में सफलता न मिल रही हो, आमदनी कम और खर्च ज्यादा हो तो गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत लाभकारी होता है। शुक्रवार के दिन पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर बैठी देवी गायत्री का ध्यान करके उसके आगे और पीछे श्रीं शब्द के साथ गायत्री मंत्र का जाप करने से दरिद्रता का नाश होता है। इसके साथ ही अगर रविवार को व्रत किया जाए तो और भी लाभ होता है।
संतान प्राप्ति में भी लाभकारी
अगर किसी दंपत्ति को संतान प्राप्ति में परेशानी आ रही हो या वह अपनी संतान से दुखी हो या संतान बीमार हो तो सुबह पति-पत्नी दोनों को सफेद वस्त्र धारण कर गायत्री मंत्र का जाप 'यौं' बीज मंत्र के साथ करना चाहिए। इससे संतान संबंधी किसी भी समस्या से शीघ्र मुक्ति मिलती है।
ऐसे पा सकते हैं शत्रुओं पर विजय
अगर शत्रुओं के कारण परेशानी आ रही हो तो मंगलवार, अमावस्या या रविवार को लाल वस्त्र धारण कर देवी दुर्गा का ध्यान करते हुए गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।
विवाह में देरी हो रही हो तो ऐसे करें जाप
अगर विवाह में देरी हो रही हो तो सोमवार की सुबह पीले वस्त्र धारण कर देवी पार्वती का ध्यान करते हुए बीज मंत्र 'ह्रीं' का 108 बार जाप करने से विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं। यह साधना लड़के और लड़कियों दोनों के लिए है।
गायत्री मंत्र रोगों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है
यदि आप किसी रोग से मुक्ति चाहते हैं तो किसी भी शुभ मुहूर्त में कांसे के बर्तन में स्वच्छ जल भरकर उसके सामने लाल आसन पर बैठकर गायत्री मंत्र के साथ 'ऐं ह्रीं क्लीं' बीज मंत्र जोड़कर गायत्री मंत्र का जाप करें। जाप के बाद जल से भरे बर्तन का सेवन करने से गंभीर से गंभीर रोग भी नष्ट हो जाता है। यह जल किसी अन्य रोगी को पिलाने से उसका रोग भी ठीक हो जाता है।
गायत्री मंत्र से हवन करने के ये हैं लाभ
दूध, दही, घी और शहद को मिलाकर 1000 गायत्री मंत्रों से हवन करने से चेचक, नेत्र रोग और पेट के रोग ठीक होते हैं। नारियल के चूर्ण और घी से गायत्री मंत्रों के साथ हवन करने से शत्रुओं का नाश होता है। नारियल के चूर्ण में शहद का प्रयोग किया जाए तो सौभाग्य में वृद्धि होती है।
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