काशी विश्वनाथ धाम में दिया जा रहा सफाई पर विशेष जोर, मंदिर का बदला स्वरूप देख खुश हुए भक्त
वाराणसी: साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके बाद से ही देशभर में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस बीच पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में एक मिसाल पेश की है।
दरअसल, 'स्वच्छ भारत अभियान' और नवरात्र के मद्देनजर काशी विश्वनाथ धाम की सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सफाई को लेकर एक अलग टीम बनाई गई है, जो तीन शिफ्ट में काम करती है। यह टीम न केवल लोगों को जागरूक करती है बल्कि पेय जल, शौचालय और काशी विश्वनाथ प्रांगण में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखती है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि स्वच्छता अभियान के मद्देनजर यहां एक टीम तैनात की गई है। वर्तमान समय में मंदिर परिसर में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। शौचालयों में भी समय-समय पर सफाई होती है। इसके अलावा गंदगी दिखने पर सफाई एजेंसी पर दंड भी लगाया जाता है।
विश्व भूषण मिश्रा ने कहा, “काशी विश्वनाथ मंदिर में कर्मचारियों की तीन शिफ्ट लगाई जाती है। सुबह के समय में अधिक कर्मचारियों की तैनाती होती है और रात के समय में सिर्फ चुनिंदा कर्मचारी काम करते हैं।“ वहीं, काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी साफ-सफाई का ख्याल रखते हैं। श्रद्धालु सलोनी बताती हैं कि वह यहां आकर काफी खुश हैं। यहां पर साफ-सफाई के अच्छे इंतजाम किए गए हैं।
कोलकाता से आए श्रद्धालु शक्ति गोयनका ने बताया कि उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर में साफ-सफाई देखकर काफी अच्छा लगा है। यह कॉरिडोर बनने के बाद से यहां के लोग भी स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं। श्रद्धालु शिवाजी मिश्रा ने कहा, “मंदिर के हर कोने में सफाई कर्माचारी तैनात हैं, जिन्होंने सफाई का जिम्मा संभाल रखा है। 'स्वच्छ भारत मिशन' का भी काफी असर पड़ा है।“
'स्वच्छ भारत मिशन' के 2 अक्टूबर 2024 को 10 साल पूरे हो गए। यह अभियान देश में एक क्रांति बनकर सामने आया है, जिसने देशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम किया है।