नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले का जवाब भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह करके दिया। वहीं, इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए केंद्र सरकार पर सवालों से भागने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, "भारत सरकार कुछ कारणों से अभी किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे रही है। हमें इंतजार करना चाहिए कि जब समय आए तो भारत सरकार जवाब दे। उस समय उनसे कई सवाल पूछे जा सकते हैं। अभी तक हमें यह नहीं पता है कि पाकिस्तान ने सरहद पर क्या किया है? उसने सरहद पर कुछ किया है या नहीं किया है। हम पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर सकते, लेकिन भारत सरकार अभी तक किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे रही है। सर्वदलीय बैठक में सरकार ने कहा कि हम अभी तक के लिए इन सवालों का जवाब नहीं देंगे। जो ब्रीफिंग की गई, उसमें कहा गया कि हम कोई सवाल नहीं लेंगे। ऐसे वक्त में जब सरकार खामोश है और सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा के कारण हम अभी कोई बात डिस्क्लोज नहीं करना चाहते, तो हमें कुछ दिन इंतजार करना होगा।"
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी सऊदी अरब के दौरे को छोड़कर चले आए, लेकिन क्या कारण था कि वो पहलगाम नहीं गए और वहां के पीड़ितों से नहीं मिले। वो राजनीति करने के लिए पटना चले गए। ऐसे में वक्त में राजनीति नहीं करनी चाहिए। सारा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है, कोई राजनीति नहीं कर रहा है और कोई सवाल नहीं पूछ रहा है। ऐसे में यह जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी की भी बनती है कि वो किसी मुद्दे पर राजनीति नहीं करे।"
अल्वी ने कहा, "पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को वापस लेने का बहुत ही सही वक्त है। लेकिन यह फैसला भारत सरकार करेगी कि क्या उचित है। मैं इतना मानता हूं कि हमारी फौज हमारा गर्व है। हमारे फौज से जो कहा जाएगा, वो करके दिखाएगी। पिछले 75 सालों में सेना को जो भी लक्ष्य दिया गया, उसने वो प्राप्त करके दिखाया। 1965 हो, 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए या फिर कारगिल हो। फौज हर वो काम करने के लिए तैयार है, जो देश हित में हो, हम दुनिया को दिखा चुके हैं। अब सवाल है कि भारत सरकार क्या करती है।"
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रही युद्ध की आशंका के बीच केंद्र सरकार के साथ खड़े होने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा, "पीएम मोदी दोनों सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुए। मीटिंग के अंदर सरकार ने कोई बात नहीं बताई। लेकिन विपक्ष ने सरकार पर कोई हमला नहीं किया। इसके बावजूद सारा विपक्ष कह रहा है कि वो भारत सरकार के साथ खड़े हैं। देश किसी एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि सबका है। देश होगा तो राजनीतिक दल होगा। मैं देख रहा हूं कि भाजपा के लोग कांग्रेस पर लगातार सवाल उठाते हैं और पाकिस्तान के बजाय कांग्रेस से लड़ना ज्यादा उचित समझते हैं। उनसे अपील है कि राजनीति करने के लिए बहुत समय है, अभी सभी एक साथ रहें। पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, बमबारी कर रहा है। भारत सरकार को फैसला करना है कि उसका जवाब कैसे देंगे।"