जम्मू: जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो गई है। राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर गए हैं। इस बीच, भाजपा द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने नए विवाद को जन्म दिया है।
भाजपा के पोस्टरों में गृह मंत्री अमित शाह के 10 सवालों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जो नेशनल कांफ्रेंस के मेनिफेस्टो पर पूछे गए हैं। भाजपा की ओर से यह पोस्टर जम्मू शहर की सड़कों और चौराहों पर लगाए गए हैं। इस पोस्टर के लगाए जाने के बाद सियासी बयानबाजियों के साथ-साथ अब पोस्टर वार की एंट्री हो गई है। भाजपा के पोस्टर पर नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने जवाब दिया है, जिस पर भाजपा ने पलटवार किया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रोफेशनल प्रेसिडेंट रतन लाल गुप्ता ने भाजपा द्वारा लगाए गए पोस्टरों की निंदा की। उन्होंने पोस्टरों को हताशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि भाजपा के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि हमारा मेनिफेस्टो जम्मू-कश्मीर के हित में है,उसमें ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे।
कांग्रेस नेता नम्रता शर्मा ने भी भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर जनता को भ्रमित करती आ रही है। भाजपा जनता के साथ खिलवाड़ करती है। चुनाव के दौरान इस तरह का पोस्टर सिर्फ और सिर्फ लोगों को भटकाने के लिए लगाए जा रहे हैं। भाजपा के पास अगर कोई उपलब्धि होती तो पोस्टर पर वह अपनी उपलब्धि बताते। भाजपा ने युवाओंं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी को पारिवारिक पार्टी बताते हुए जनता के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की नीतियां धार्मिक आस्थाओं के विरोध में रही हैं। जनता को इनकी असलीयत का पता चले, इसलिए हमारी तरफ से ऐसे पोस्टर लगवाए गए हैं।
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