अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) मंगलवार को अयोध्या पहुंच सकती है। एसआईटी टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी और साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
नई एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस कर रही हैं। इस एसआईटी टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर, बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार के अलावा वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की जांच के लिए एक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा। नई एसआईटी टीम, पुरानी एसआईटी टीम से समन्वय स्थापित कर नए सिरे से राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच करेगी।
एसआईटी राम मंदिर सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के रिकॉर्ड, बैंकिंग प्रक्रिया और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तार से पड़ताल करेगी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। एसआईटी ने करीब 200 लोगों को जो मंदिर से व्यवस्था से जुड़े हैं, उनको पिछले दिनों नोटिस दिया है कि समय पर वो अयोध्या में ही मौजूद रहें, यानी जनपद को छोड़कर कहीं अन्य ना जाएं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित यह नई एसआईटी पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि जांच के सिलसिले में एसआईटी पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती है।
जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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