'पोडियम पर खड़े होने से बेहतर एहसास कुछ नहीं', ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बोले तेजस्विन शंकर
ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 9वां दिन भारत के लिए शानदार रहा। देश की झोली में एक ही दिन में दो गोल्ड समेत कुल 6 मेडल आए। डेकाथलॉन स्पर्धा में तेजस्विन शंकर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वह इस खेल में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
तेजस्विन ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए बताया कि यह मेडल उनके लिए काफी खास है। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बेहद खास है। जाहिर तौर पर भारत के लिए मेडल जीतना गर्व की बात है। जब आप पोडियम पर खड़े होते हैं, तो इससे बेहतर एहसास और कुछ नहीं होता है। मेरे लिए निजी तौर पर एक एहसास जो थोड़ा सा ज्यादा बेहतर है वो है कि मैं नतीजे के बिना चिंता किए भारत की जर्सी पहनकर खेल रहा हूं। यकीनन नतीजा काफी अहमियत रखता है। अगर मैं यहां चौथी पोजीशन पर होता, तो शायद इतने लोग मुझसे बात नहीं कर रहे होते। मैं तीसरा हूं या फिर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों में शामिल हूं, इसी कारण मुझे अहमियत मिल रही है।"
भारतीय एथलीट ने आगे कहा, "डेकाथलॉन एक ऐसा खेल है, जो आपको जिंदगी के बारे में सिखाता है। इस खेल में हर मोड़ पर काफी उतार-चढ़ाव होते हैं। किसी इवेंट में आपका विपक्षी खिलाड़ी आपसे अच्छा होता है, तो किसी में आप उससे अच्छे होते हैं। जब तक आखिरी रेस खत्म नहीं हो जाती है तब तक आपको नहीं पता होता है कि क्या होने वाला है। यह खेल आपको सीखता है कि एक समय पर आप एक ही चीज पर ध्यान दीजिए और यही जिंदगी भी है कि आप वर्तमान में रहें। मुझे लगता है कि पिछले 48 घंटों में मैं इस चीज को बेहतर तरीके से कर पाया और इसी वजह से मेडल जीतने में सफल रहा।" तेजस्विन ने अपना यह मेडल अपने समर्थकों और फैंस को समर्पित किया। तेजस्विन ने ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिता के सबसे मुश्किल इवेंट में 7,976 प्वाइंट्स हासिल करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।