तमिलनाडु सरकार ने 8,193 मंदिरों के लिए गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के आवेदन मांगे
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग के अधीन संचालित 8,193 मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए राज्यभर के पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
एचआर एंड सीई विभाग द्वारा जारी घोषणा के अनुसार, यह कदम उन मंदिरों के प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहां वंशानुगत ट्रस्टी नहीं हैं। इन नियुक्तियों को तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 49(1) के तहत किया जाएगा, जो विभाग द्वारा प्रबंधित मंदिरों के लिए ट्रस्टियों के बोर्ड के गठन का अधिकार सरकार को प्रदान करती है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मंदिरों की सूची, पात्रता संबंधी शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और निर्धारित आवेदन प्रारूप सहित विस्तृत अधिसूचनाएं एचआर एंड सीई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं।
विभाग ने इच्छुक और पात्र व्यक्तियों से आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की अपील की है। आवेदक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं या वेबसाइट से निर्धारित आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित जिले में एचआर एंड सीई विभाग के सहायक आयुक्त के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जा सकता है।
विभाग ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त को शाम 5:45 बजे निर्धारित की है। अधिकारियों ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न हों और अंतिम तिथि से पहले संबंधित कार्यालय तक पहुंच जाएं, ताकि आवेदन निरस्त होने से बचा जा सके।
यह नवीनतम अधिसूचना राज्य सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत एचआर एंड सीई विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।
विभाग ने बताया कि पहले चरण में 1,012 मंदिरों के लिए गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। इसके अलावा, नियुक्ति प्रक्रिया को सुगम बनाने और पात्र उम्मीदवारों के चयन की निगरानी के लिए 14 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन भी किया जा चुका है।
इन समितियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे आवेदनों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि नियुक्तियां एचआर एंड सीई अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप की जाएं। अधिकारियों के अनुसार, चरणबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया का उद्देश्य मंदिरों के प्रशासन में सुधार, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और एचआर एंड सीई विभाग के अधीन कार्यरत धार्मिक संस्थानों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इससे तमिलनाडु के हजारों मंदिरों को प्रशासनिक सहयोग मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रस्टियों की नियुक्ति से संबंधित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का राज्यभर में समान रूप से पालन किया जाए।