'शांतिपूर्ण विरोध को दबाना लोकतंत्र पर हमला', सोनम वांगचुक के समर्थन में सपा सांसद, सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मांगों का समाजवादी पार्टी (सपा) ने खुलकर समर्थन किया है। पार्टी सांसदों ने कहा कि सरकार लगातार लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
सोनम वांगचुक को लेकर सपा सांसद राजीव राय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "ये लोग अन्ना हजारे के साथ खड़े तो सोनम वांगचुक के साथ क्यों खड़े नहीं हो सकते हैं? अन्ना हजारे भी इसी तरह की मांग कर रहे थे। सोनम वांगचुक की कौन सी मांग नाजायज है? क्या इस लोकतांत्रिक देश में जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए? अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों में इस्तीफा हो जाते थे। वर्तमान सरकार कहती है कि कुछ भी हो जाए, इस्तीफा नहीं देंगे। डर है कि किसी का इस्तीफा मांग लिया जाए तो वह पोल न खोल दे।"
समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, "छात्र हमारा भविष्य हैं और छात्रों के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। वह छात्रों को धोखा दे रही है। यह हमारी मुद्दा है।"
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा, "आज हमारा ध्यान उस विरोध-प्रदर्शन पर होना चाहिए जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। हम पहले प्रदर्शन में शामिल होंगे और फिर सदन में युवाओं की चिंताओं को उठाएंगे, क्योंकि यही हमारी प्राथमिकता है।"
प्रिया सरोज ने कहा, "किसी को कोई दिक्कत नहीं है। सबसे पहली बात, हम युवा हैं-देश का भविष्य हैं। हम इन कानूनी प्रावधानों से नहीं डरते और न ही उनके लाठीचार्ज से डरते हैं। हम एकजुट रहेंगे, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और विधानसभा तक मार्च करेंगे, जहां हम अपनी पार्टी के साथ अपनी बात रखेंगे।"
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य ने कहा, "अगर सरकार उनकी मांगें मान लेती है, तो हर कोई उनके साथ खड़ा होने को तैयार है।"
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सोनम वांगचुक को जिस तरह से हिरासत में लिया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। जब शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन हो रहा हो, तो उसे जारी रहने देना चाहिए। युवा और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग उन पर पूरा भरोसा करते हैं और उनके साथ खड़े हैं। सभी युवा उनके साथ हैं और समाजवादी पार्टी भी उनके समर्थन में खड़ी है।"