राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर हुईं रवाना

Update: 2026-07-19 06:11 GMT
नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति और प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मु की तीन देशों की यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु रविवार की सुबह राजधानी नई दिल्ली से रवाना हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति के दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तरी मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर गई हैं। यह भारत के किसी राष्ट्रपति का मोल्दोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया का पहला दौरा है और तीन दशकों में रोमानिया का पहला राष्ट्रपति दौरा है। इस दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।"
वहीं, विदेश यात्रा के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जानकारी साझा की गई कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तरी मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर जा रही हैं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है। भारत के राष्ट्रपति का रोमानिया दौरा तीन दशकों से ज्यादा समय के बाद हो रहा है।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोप के इन देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर बात की। इस दौरान सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज, राष्ट्रपति की प्रेस सचिव डॉ. मनीषा वर्मा और विदेश मंत्रालय में दक्षिणी यूरोप क्षेत्र की संयुक्त सचिव अल्पना दुबे भी मौजूद रहीं।
सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की 19 से 25 जुलाई 2026 तक होने वाली मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही है।
उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार भारत के किसी राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। वहीं, रोमानिया की बात करें तो किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 साल से भी ज्यादा समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी।
जॉर्ज ने कहा कि इन तीन देशों की यात्रा यह दिखाती है कि भारत अब मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। साथ ही, यह यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक साझेदारी को भी आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह दौरा यूरोप के साथ भारत के संबंधों को गहरा करने और तीन 'टी' ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सचिव (पश्चिम) जॉर्ज ने बताया कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। इसलिए यह यात्रा ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि भारत पूर्वी यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।
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