3 जून का पंचांग : पुरुषोत्तम मास का 18वां दिन, ज्येष्ठ शुक्ल की तृतीया तिथि पर विजय के साथ अभिजीत मुहूर्त, भद्रा की छाया
नई दिल्ली: सनातन धर्म में पंचांग का काफी महत्व है। इसके पांचों अंग (नक्षत्र, तिथि, योग, करण व वार) के आधार पर ही शुभ-अशुभ व नए काम के साथ दिन की शुरुआत का विचार किया जाता है। 3 जून 2026 (बुधवार) का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ विजय मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। हालांकि, भद्रा की छाया भी रहेगी।
वर्तमान में नारायण को प्रिय पुरुषोत्तम मास चल रहा है, जिसका 18वां दिन बुधवार को है। सूर्योदय 5 बजकर 23 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 15 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रोदय रात 10 बजकर 4 मिनट पर और चंद्रास्त अगले दिन (4 जून) सुबह 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। तृतीया तिथि रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन तृतीया का ही मान होगा। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा दोपहर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र लगेगा। शुभ योग सुबह 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगा और करण वणिज सुबह 8 बजकर 12 मिनट तक और फिर विष्टि करण रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
बुधवार के शुभ मुहूर्त व योग की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक, प्रातः सन्ध्या सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक। अमृत काल शाम 7 बजकर 37 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 40 मिनट (4 जून) तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 2 बजकर 3 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। वहीं, भद्रा सुबह 8 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।