3 अगस्त का पंचांग: सावन के पहले सोमवार पर करें भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा, शाम 5:07 से 6:44 तक अमृत काल
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
3 अगस्त 2026 को श्रावण मास (सावन) के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रात 10:54 बजे तक है। इसके बाद षष्ठी लग जाएगी। इस दिन सावन महीने का पहला सोमवार है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शक्कर, शहद और घी का पंचामृत, साथ ही बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल व चंदन अर्पित कर पूजा करना अच्छा रहेगा।
सोमवार को सुबह 6:02 बजे सूर्योदय और शाम 7:03 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 9:59 बजे चंद्रोदय और सुबह 10:54 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 10:00 बजे तक उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र आरंभ होगा।
सोमवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन सुकर्म योग रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल शाम 5:07 से 6:44 तक रहेगा।
वहीं, राहुकाल शाम 7:40 बजे से 9:17 बजे और गुलिक काल दोपहर 2:10 से दोपहर 3:48 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
सोमवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा। पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।