मुंबई: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फिलीपींस के तीन नागरिक भी शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यह तस्करी गिरोह एयरपोर्ट परिसर में काम करने वाले कुछ निजी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में मुंबई के रहने वाले हिमांशु उपाध्याय, मोहिद हसन सिद्दीकी और फिरोज सैयद शामिल हैं। इनके अलावा फिलीपींस के तीन नागरिक लकीम अलीमुद्दीन नासेर, बेनी लॉयड ओलिवो और क्रिस्टीन जॉय अंदाया पोर्नास्डोरो को भी गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक सोना तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहे थे। यह गिरोह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर काम करने वाले कुछ लोगों की कथित मदद से दुबई और बैंकॉक से मुंबई आने वाले ट्रांजिट यात्रियों के जरिए सोने की तस्करी करता था।
इस महीने की शुरुआत में डीआरआई ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था।
कार्रवाई के दौरान वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल कई दुर्लभ वन्यजीवों को बरामद कर सुरक्षित बचाया गया। इनमें 15 स्लो लोरिस, दो बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, छह मिस्री गिद्ध और दो शिकरा पक्षी शामिल थे।
इस मामले की शुरुआती खुफिया जानकारी डीआरआई ने जुटाई थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीआरआई ने बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से आने वाले यात्रियों के जरिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भारत में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी की कई कोशिशों को भी नाकाम किया है।
इन अभियानों के दौरान कई दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों को जब्त कर सुरक्षित बचाया गया। इनमें एल्बिनो रेड-ईयर्ड कछुए, हाइपो जीरो बियर्डेड ड्रैगन, अफ्रीकन स्पर्ड कछुए, बोर्नियो पाइथन, ग्रीन इगुआना, मैंग्रोव मॉनिटर छिपकलियां, अर्जेंटीनियन ब्लैक एंड व्हाइट टेगू, गोएल्डी मार्मोसेट, येलो-चीक्ड गिबन, इंडोनेशियाई ब्लू-टंग्ड स्किंक, सियामांग गिबन, वूली मंकी, सिल्वरी लुटुंग, येलो-बेली बॉल पाइथन, पेस्टल बॉल पाइथन और कई अन्य प्रजातियां शामिल थीं। इन अभियानों के दौरान जब्त किए गए वन्यजीवों और अन्य सामग्री की कुल संख्या 440 तक पहुंच गई है।