जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज यात्रियों को मुबारकबाद दी
नई दिल्ली: जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज की रस्मों के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी भारतीय हज यात्रियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने प्रस्थान चरण के आरंभ होने के अवसर पर सभी हज यात्रियों की सुरक्षित और सुगम स्वदेश वापसी के लिए शुभकामनाएं भी दी।
जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने कहा, "ये बताते हुए खुशी हो रही है कि हज का बुनियादी मरहला सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। और कल मीना से हुजाज की वापसी भी अमन और सुकून के साथ हो गई है। इस तरह हज के सबसे अहम अरकान मुकम्मल हो गए हैं। इस मुबारक मौके पर सभी हुजाज को हज की सफल अदायगी पर बहुत बहुत मुबारकबाद। हम दुआ करते हैं कि आपकी इबादत और मेहनत कबूल हो और आप घर लौटे तो अपने साथ बहुत सी बरकत और रुहानी फायदे लेकर जाएं। वापसी का मरहला 1 जून से शुरू होगा। सभी इंतजाम इस तरह किए गए हैं ताकि वापसी का सफर आसान, सुकून और अच्छे तरीके से हो। हम सभी हुजाज के लिए अमन, सुविधा और आराम भरे सफर की दुआ करते हैं। जो हुजाज अभी यहां रूके हुए हैं उनके लिए भी अच्छी सेहत और आराम की दुआ है।"
हज यात्रा के लिए इस साल मक्का में 15 लाख से ज्यादा लोग पहुंच चुके हैं। इस बार की हज यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के खत्म होने की उम्मीदें जताई जा रही हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपनी हवाई सुरक्षा और मजबूत कर दी है। सफेद कपड़े पहने लाखों जायरीन बसों और पैदल चलते हुए मीना के बड़े कैंप इलाके में पहुंचे। इससे पहले उन्होंने 'तवाफ' किया, यानी मक्का की बड़ी मस्जिद में मौजूद काबा के चारों ओर सात चक्कर लगाए।
एडनक्रोनोस न्यूज एजेंसी के अनुसार, हज की शुरुआत ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी नाजुक युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर अलग-अलग संकेत दिए।
इस साल की हज यात्रा में दुनिया भर से मुसलमान शामिल हुए हैं, जिनमें ईरान से आए लोग भी शामिल हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हाल के महीनों में ईरान ने सऊदी अरब और खाड़ी के दूसरे देशों में कई जगहों को निशाना बनाकर हमले किए थे।
सऊदी अधिकारियों ने कोशिश की है कि इस तनाव और संघर्ष का असर हज यात्रा पर न पड़े। दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग लंबा सफर तय करके इस अहम धार्मिक यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं।
तनाव और अनिश्चितता के बावजूद, सऊदी अधिकारियों का कहना है कि इस साल 2025 के मुकाबले विदेशों से ज्यादा लोग हज में शामिल हुए हैं।