चेन्नई: डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने अन्नामलाई के भाजपा से इस्तीफा देने, जनगणना और टीवीके सरकार की बैठक को लेकर आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रतिक्रिया दी।
डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने आईएएनएस से कहा, "हम चाहते हैं कि भारत सरकार जाति आधारित जनगणना कराए, क्योंकि जनगणना का अधिकार क्षेत्र सरकार के पास है। नैनार नागेंद्रन और अंबुमणि रामदास ने भी जाति आधारित जनगणना की मांग की है। अगर वे इस विचार का समर्थन करते हैं तो नैनार नागेंद्रन को अपने पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं से इसे कराने के लिए कहना चाहिए।"
टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में, जिसमें 436 दीर्घकालिक विकास पहलों वाली एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस बैठक को लेकर डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा, "वास्तव में ये परियोजनाएं क्या हैं? उन्हें उन परियोजनाओं की सूची जारी करनी चाहिए, जिन्हें वे शुरू करने की योजना बना रहे हैं। अब तक उन्होंने केवल संख्याएं बताई हैं, लेकिन यह खुलासा नहीं किया है कि वे किन परियोजनाओं को लागू करने जा रहे हैं।"
अन्नामलाई द्वारा शुरू किए गए आंदोलन में 11 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने पर टीकेएस एलंगोवन ने कहा, "वे वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की तुलना में अन्नामलाई को अधिक पसंद करते हैं और उन्हें बेहतर नेता मानते हैं।"
गौरतलब है कि तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने दोपहर को एक नए राजनीतिक संगठन 'वी लीडर्स' की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो मैसेज में के. अन्नामलाई ने कहा कि उनका यह फैसला उस मिशन को आगे बढ़ाने की इच्छा से प्रेरित है, जिसने उन्हें शुरू में सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित कि था। उन्होंने बताया कि वह तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन अब उन्होंने एक अलग राजनीतिक रास्ता चुना है। अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने भाजपा नेतृत्व को दिसंबर 2025 में पार्टी छोड़ने के अपने इरादे के बारे में बता दिया था। वरिष्ठ नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि वे औपचारिक रूप से पद छोड़ने से पह तमिलनाडु चुनाव तक पार्टी के साथ बने रहें।
उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं से सलाह मशविरा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए अन्नामलाई ने बताया कि पिछले 18 महीनों में कई मुद्दों पर भाजपा के साथ उनके मतभेद रहे हैं।