वृंदावन: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बीच वृंदावन से एक युवक के लापता होने का मामला भी सामने आया है। हाथरस के सादाबाद निवासी अनुज चौधरी करीब तीन महीने पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने की इच्छा लेकर वृंदावन आया था।
परिजनों के मुताबिक, वृंदावन आने के बाद से अनुज वापस घर नहीं लौटा। परिवार का यह भी कहना है कि इस दौरान उसका माता-पिता से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। लंबे समय से बेटे की जानकारी नहीं मिलने के बाद अब परिवार और गांव के कई लोग वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों की मांग है कि उन्हें अनुज के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए और अगर वह आश्रम में है तो उसे उनके साथ घर भेजा जाए।
बेटे की जानकारी मिलने तक धरना जारी रखने की बात
अनुज के पिता का कहना है कि जब तक उनके बेटे के बारे में उन्हें साफ जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे आश्रम के बाहर बैठे रहेंगे। परिवार के अनुसार, वे पिछले करीब तीन महीने से लगातार वृंदावन आकर अनुज को तलाश कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज के आश्रम में भी कई बार जाकर उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।
परिजनों का आरोप है कि आश्रम पहुंचने के बावजूद उन्हें अनुज के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इसी वजह से परिवार ने अब आश्रम के बाहर धरना शुरू किया है।
आश्रम से जानकारी नहीं मिलने का आरोप
परिवार का कहना है कि उन्होंने आश्रम के लोगों और सेवादारों से कई बार अपने बेटे के बारे में पूछा। हालांकि, उनके मुताबिक उन्हें ऐसी जानकारी नहीं दी गई, जिससे अनुज के बारे में स्थिति साफ हो सके। परिजन लगातार उसकी वापसी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अनुज की उम्र 18 साल है और वह धार्मिक दीक्षा लेने की इच्छा के साथ वृंदावन आया था। इसके बाद से परिवार के पास उसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
इसी को लेकर परिवार और गांव के लोगों में चिंता बनी हुई है। अब उन्होंने आश्रम के बाहर बैठकर अपनी मांग रखने का फैसला किया है।
रसिक दुलारी शरण की मौत से भी जुड़ा मामला
अनुज के लापता होने का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रेमानंद महाराज के शिष्य रहे रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत की जांच भी चल रही है। पुलिस के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले थे। वह आश्रम में रहकर साधु सेवा के साथ बिजली से जुड़े काम भी करते थे।
25 सितंबर को उनके आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने की घटना सामने आई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस कर रही मौत की परिस्थितियों की जांच
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। इसी बीच अनुज चौधरी के परिवार का आश्रम के बाहर धरना शुरू होने से यह मामला भी चर्चा में आ गया है। फिलहाल परिजन अपने बेटे की जानकारी मिलने और उसकी वापसी की मांग पर आश्रम के बाहर बैठे हैं।
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