WORLD WAR: ईरान पहुंचे पाकिस्तान के Chief of Army आसिम मुनीर
क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल
Tehran तेहरान: पाकिस्तान इन दिनों पश्चिम एशिया की कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश में नजर आ रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का तेहरान पहुंचना इस बात का संकेत है कि इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल कराने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों का इस तरह ईरान दौरा करना पाकिस्तान की सक्रिय मध्यस्थता नीति को दर्शाता है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ भी हाल ही में सऊदी अरब और क़तर के दौरे पर गए हैं। उनके साथ विदेश मंत्री इसहाक डार और सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं।
इन लगातार हो रहे दौरों को क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान की कोशिश है कि वह खुद को एक जिम्मेदार और प्रभावी मध्यस्थ के रूप में स्थापित करे, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम न केवल उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने की रणनीति भी है। हालांकि, अमेरिका-ईरान जैसे जटिल रिश्तों में किसी ठोस नतीजे तक पहुंचना आसान नहीं माना जा रहा।
फिलहाल, तेहरान, रियाद और दोहा के बीच हो रही इन कूटनीतिक गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि पाकिस्तान की यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है।