Hamirpur. हमीरपुर। सीटू के बैनर तले मजदूरों ने अस्पताल चौक से बीडीओ कार्यालय टौणीदेवी तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया और दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इस रैली में काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान मांग उठाई गई कि वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिन के काम को सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने गांव के लोगों की जीवन रेखा कहे जाने वाले मनरेगा को खत्म करके विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन को बनाया जिसे बने लगभग एक बर्ष बीतने के बाद भी लागू नहीं किया जा रहा है। मनरेगा के समाप्त करने तक हिमाचल प्रदेश में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 340 रुपये दैनिक थी, परंतु गारंटी रोजगार आजीविका मिशन को लागू करने पर इसे घटा कर 300 कर दिया गया है।


मंहगाई आसमान छू रही है। ऐसे में जहां वेतन/मजदूरी में बढौतरी करने की आवश्यकता थी, उल्टा उसे ही घटाया गया है। सीटू ने मांग की कि मजदूरों को 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए और राज्य का न्यूनतम वेतन 425 रुपए दैनिक दिहाड़ी दी जाए। बीडीओ टौणीदेवी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मनरेगा वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिन का रोजगार, लंबित मजदूरी का भुगतान और जॉब कार्ड धारकों को पूरा काम देने की मांग की गई। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डा. कश्मीर, जोगिंदर कुमार, संतोष कुमार, नवीन कुमार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर, जोगिंदर कुमार, संतोष कुमार, नवीन कुमार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार मजदूर विरोधी फैसले ले रही है, जिसे सीटू बर्दाश्त नहीं करेगी।
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