दो मासूम बच्चों के साथ टांके में कूदी महिला, तीनों की मिली लाश
गांव में पसरा मातम
Balotra. बालोतरा। राजस्थान के बालोतरा जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ पानी के टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना में महिला और उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। घटना पचपदरा थाना क्षेत्र के दुदवा गांव की बताई जा रही है। पुलिस ने तीनों शवों को टांके से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय मुली देवी पत्नी हनुमान प्रजापत, उसके दो वर्षीय बेटे रविंद्र और दो महीने के मासूम बेटे नारायण के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला का छोटा बेटा नारायण अभी केवल दो महीने का था। परिवार में नए सदस्य के आने की खुशी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई की सुबह करीब तीन बजे की है। पचपदरा थाना क्षेत्र के दुदवा गांव में रहने वाली मुली देवी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई। उस समय परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे। सुबह करीब पांच बजे जब परिजन की नींद खुली तो महिला और दोनों बच्चे घर में नहीं मिले। काफी तलाश करने के बाद जब घर के पास स्थित टांके के बाहर महिला की चप्पल दिखाई दी तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पचपदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय तैराकों की मदद से टांके में तलाश अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद महिला और दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवा दिया।
पचपदरा थाने के सब इंस्पेक्टर अमराराम ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार महिला अपने दोनों बच्चों के साथ देर रात घर से निकली थी। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों सहित आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुली देवी की शादी करीब चार साल पहले हनुमान प्रजापत के साथ हुई थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है और मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करता था। दंपती के दो बेटे थे। बड़ा बेटा रविंद्र करीब ढाई साल का था, जबकि छोटा बेटा नारायण केवल दो महीने का था। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला और उसके दोनों बच्चों की मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध है।
किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि एक मां अपने बच्चों के साथ ऐसा कदम उठा सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीहर पक्ष के आने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के संभावित कारणों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या महिला किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी परेशानी से गुजर रही थी। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों से पूछताछ के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
राजस्थान में इस तरह की घटनाएं समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। खासतौर पर जब छोटे बच्चों की जान भी इस तरह की घटनाओं में चली जाती है तो परिवार और समाज दोनों के लिए यह बेहद पीड़ादायक स्थिति होती है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जाती रही है कि किसी भी तरह की परेशानी या तनाव की स्थिति में परिवार और संबंधित लोगों से बातचीत करें तथा मदद लें।फिलहाल दुदवा गांव में इस घटना को लेकर गम का माहौल है। एक मां और उसके दो मासूम बच्चों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई पीहर पक्ष के बयान तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।