पार्वती नदी में बहने से महिला और बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने बेटे को बचाया
परिजन सदमें में
Guna. गुना। चांचौड़ा इलाके के रामपुरा गांव में मंगलवार शाम पार्वती नदी में तेज बहाव के कारण एक महिला और एक बच्चा बह गए। घटना में महिला सपना मीणा और गांव के नाबालिग अंकित केवट (12) की मौत हो गई, जबकि सपना का बेटा अतुल मीणा (12) ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बच गया। घटना उस समय हुई जब गांव के पास पार्वती नदी के किनारे निवासी सपना मीणा कपड़े धो रही थी। वहीं उसका बेटा अतुल और गांव का ही अंकित नदी में नहा रहे थे। अचानक तेज बहाव में अंकित गहरे पानी में चला गया और बहने लगा। उसे बचाने के लिए सपना भी नदी में कूद गई। इसके बावजूद तेज बहाव के कारण सपना और अंकित बह गए। बेटे अतुल को ग्रामीणों ने नदी से निकालकर सुरक्षित किया।
सूचना मिलने के बाद राजस्व और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। साथ ही SDERF (State Disaster Response Force) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मंगलवार शाम को टीम ने सर्चिंग शुरू की, लेकिन कुछ देर बाद अंधेरा होने के कारण खोज बंद करनी पड़ी। बुधवार सुबह SDERF की टीम ने फिर से सर्चिंग शुरू की। सुबह महिला सपना मीणा का शव घटनास्थल से लगभग 70 मीटर दूर मिला। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे अंकित केवट का शव घटना स्थल से 50 मीटर दूर पाया गया। पुलिस और राजस्व टीम ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
चांचौड़ा SDM रवि मालवीय ने बताया कि नदी का बहाव इस समय काफी तेज है। बारिश के कारण नदी में पानी अधिक है, जिससे नहाने और किनारे पर कपड़े धोने वाले लोग जोखिम में हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नदी के पास सावधानी बरतने और बच्चों को अकेले नहीं भेजने की अपील की। घटना की जानकारी मिलने पर चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और सर्चिंग कर रही टीम से जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर दुख व्यक्त किया और कहा कि सपना ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवाई।
रामपुरा गांव और आसपास के क्षेत्र में पार्वती नदी किनारे रहने वाले ग्रामीण अक्सर नदी में कपड़े धोने और नहाने जाते हैं। बारिश के कारण नदी का पानी बढ़ा हुआ है और बहाव तेज हो गया है। यह घटना इलाके में सुरक्षा और नदी किनारे सतर्कता के महत्व को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाने की बात कही है। SDERF और राजस्व विभाग की टीम ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने का संकल्प लिया है। घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है। सपना मीणा की बहादुरी की चर्चा स्थानीय लोगों में हो रही है।
क्योंकि उसने बच्चों की जान बचाने के लिए अपने आप को खतरे में डाल दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यह घटना उन्हें नदी के पास सुरक्षित रहने और बच्चों पर ध्यान देने की सीख देती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नदी किनारे सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और जोखिम वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, बच्चों और ग्रामीणों को नदी के तेज बहाव और जोखिम के प्रति जागरूक किया जाएगा। SDERF की टीम ने कहा कि सर्चिंग के दौरान नदी की स्थिति खतरनाक थी और पानी का बहाव लगातार बदल रहा था। इसके बावजूद उन्होंने लगातार खोज जारी रखी और महिला व बच्चे के शव बरामद किए। प्रशासन ने इस दौरान राहत और मदद के लिए ग्रामीणों को आवश्यक समर्थन प्रदान किया। घटना ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए समुदाय और प्रशासन को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।