नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हिरासत में लिए जाने की आशंका के बीच एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने अजिंक्य शिंदे को संगठन की जिम्मेदारी संभालने और जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करने की बात कही। महाराष्ट्र के लातूर निवासी शिंदे पहले मुंबई में CJP के प्रदर्शन का आयोजन कर चुके हैं और स्कूल सुधार अभियान से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत संगठन की प्रमुख मांगों को दोहराया है।
दीपके ने पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था वीडियो
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने के दौरान एक वीडियो चर्चा में आया है। इस वीडियो में दीपके संगठन की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे को सौंपने की बात कहते दिखाई देते हैं। उन्होंने शिंदे से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अगुवाई करने को कहा और समर्थकों से उनका साथ देने की अपील की।
दीपके ने यह वीडियो शुक्रवार को ही रिकॉर्ड कर लिया था। बताया गया है कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें और उनके कुछ साथियों को हिरासत में लिया जा सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संगठन के कामकाज और प्रदर्शन की जिम्मेदारी दूसरे व्यक्ति को देने का फैसला किया।
शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पहुंचे CJP के तीन प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया। इसके बाद अजिंक्य शिंदे का नाम संगठन की अगुवाई करने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आया।
कौन हैं अजिंक्य शिंदे?
अजिंक्य शिंदे की उम्र 35 साल बताई गई है। वह महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। उन्होंने रायगढ़ के लोनेरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई की है।
शिंदे की पहचान को लेकर एक और जानकारी सामने आई है। फेसबुक पर @AAPlaAjinkya नाम से उनका एक पेज है, जिस पर आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें दिखाई देती हैं। इस पेज पर पहले आम आदमी पार्टी के नेता के तौर पर पोस्टर और अन्य पोस्ट भी साझा किए गए थे।
हालांकि, मौजूदा समय में शिंदे आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। बताया गया है कि उनका यह फेसबुक पेज वर्ष 2024 से सक्रिय नहीं है और इसके करीब 4,500 फॉलोअर्स हैं।
अजिंक्य शिंदे पहले भी CJP की गतिविधियों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। खबर के मुताबिक, अभिजीत दीपके ने अगस्त में उन्हें संगठन का इंचार्ज नियुक्त किया था। इसके बाद शिंदे ने मुंबई में हुए प्रदर्शन के आयोजन की जिम्मेदारी संभाली।
इस भूमिका के बाद वह संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। इसके अलावा, वह CJP की ओर से चलाए गए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य देशभर के स्कूलों की स्थिति में सुधार लाना बताया गया है।
दीपके ने अपने वीडियो में शिंदे का समर्थन करने की अपील की है। ऐसे में दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की अगुवाई को लेकर उनका नाम सामने आने के बाद संगठन के भीतर उनकी भूमिका पर चर्चा बढ़ गई है।
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दोहराईं मांगें
अजिंक्य शिंदे ने सामने आकर CJP की मांगों को दोहराया है। संगठन ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
शिंदे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी दोहराई। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने की मांग रखी।
इस तरह अभिजीत दीपके के हिरासत में लिए जाने के बाद अजिंक्य शिंदे संगठन के अगले प्रमुख चेहरे के रूप में चर्चा में हैं। उनके सामने CJP के प्रदर्शन और अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, जबकि संगठन अपनी चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर विरोध जारी रखने की बात कह रहा है।
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