जब दुल्हन पहुंची थाने, फिर कहा- ‘साहब, फेरे करा दो, वरना मेरी जिंदगी बर्बाद होगी’

इलीगल गैंग का सरगना गिरफ्तार

Update: 2026-03-13 07:23 GMT
Bhopal. भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार और गुरुवार को हुई घटनाओं ने पूरे शहर को हैरान कर दिया। कोहेफिजा थाने में गुरुवार को एक बेहद अनोखी लेकिन गंभीर घटना सामने आई, जब गैंगस्टर आकाश उर्फ भूरा हड्डी की होने वाली दुल्हन, सीमा, पुलिस से मिलने थाने पहुंच गई और फेरे कराने की गुहार लगाने लगी। हाथों में मेहंदी, चेहरे पर हल्दी और गले में माला पहने सीमा ने पुलिस अधिकारियों से कहा, "साहब, मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। मेरी क्या गलती है? मुझे उसके
जुर्म की जानकारी
नहीं थी। कृपया उसे 2 घंटे के लिए रिहा कर दो, नहीं तो यही कस्टडी में ही फेरे करा दो।" हालांकि, पुलिस ने दुल्हन की इस अनोखी गुहार को ठुकरा दिया। सीमा का यह कहना था कि शादी के लिए मंडप सज चुका था, घर में मेहमान मौजूद थे और हल्दी समेत तमाम पारंपरिक रस्में पूरी हो चुकी थीं। वह चाहती थी कि उसके होने वाले पति से कम से कम कुछ समय के लिए मिलकर विवाह संपन्न हो। लेकिन पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

मंडप से गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर दूल्हा
पुलिस के मुताबिक, कोहेफिजा थाना क्षेत्र में सक्रिय इलीगल गैंग के सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी की शादी युवती सीमा से बुधवार दोपहर को होनी थी। इसी दौरान पुलिस ने अचानक छापेमारी कर मंडप से आकाश को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके कुछ सहयोगियों को भी पकड़ा गया। आरोप है कि आकाश और उसके गैंग के अन्य सदस्य, जिनमें राजमजी ठाकुर, अभिषेक उपाध्याय, अभिषेक मीणा, नीरज खानगे और अमित ओसवाल शामिल हैं, ने मिलकर एक पुजारी का अपहरण किया था। आरोपियों ने पुजारी को धमकी दी और 8 लाख रुपए की वसूली की योजना बनाई। पहले किश्त के रूप में 50 हजार रुपए वसूलने के बाद ही उसे छोड़ा गया। बाकी की राशि पांच किश्तों में देने की बात तय की गई थी। पुलिस ने अब तक आकाश और उसके पांच साथियों को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है।

शादी के लिए वसूली का किया इस्तेमाल
गिरफ्तारी के बाद आकाश ने पुलिस को बताया कि शादी के लिए पैसों की जरूरत थी और वसूली गई रकम का कुछ हिस्सा हल्दी वाले दिन शादी में खर्च कर दिया गया था। आकाश के सहयोगी, आकाश उपाध्याय ने पुजारी का अपहरण कर वसूली का आइडिया दिया था। योजना यह थी कि पुलिस तक न पहुंचे और पुजारी को डराकर रकम वसूली जाए। इसके लिए उसे रेप केस में फंसाने और एक लड़की को पुजारी तक पहुंचाने की साजिश रची गई। पुजारी को बंधक बनाकर तौफीक उर्फ शूटर के फ्लैट में रखा गया था। डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि 26 वर्षीय पुजारी संजीव नगर का निवासी है।

उसकी दोस्ती आकाश उपाध्याय से थी। 10 मार्च 2025 को आकाश ने पुजारी को जैन नगर स्थित अपने कमरे पर बुलाया और कहा कि एक परिचित युवती को लालघाटी से लेकर आए। पुजारी ने आकाश के कहे अनुसार युवती को कमरे तक पहुंचाया। इसके बाद आरोपी ने पुजारी को धमकी दी कि अगर वह रकम नहीं देगा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आरोपियों ने पुजारी को पीटा और जबरन बाइक पर बैठाकर तौफीक के फ्लैट में ले गए। वहां उसे बंधक बनाकर पीटा गया। आरोपियों ने उसके भाई को कॉल कर कहा कि भाई को बचाने के एवज में 50 हजार रुपए ऑनलाइन जमा कराए जाएं। बाकी 7.5 लाख रुपए पांच किश्तों में देने की शर्त रखी गई।

दुल्हन की पुलिस से गुहार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, आकाश की दुल्हन सीमा ने थाने आकर पुलिस से मिलकर शादी कराने की गुहार लगाई। पुलिस ने उन्हें समझाया कि अपराध में शामिल व्यक्ति से विवाह कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीमा ने कोर्ट में भी अपने वकील के जरिए फेरे कराने की मोहलत मांगी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। सीमा का कहना था कि शादी का आयोजन पूरी तरह से हो चुका था और घर में कई मेहमान मौजूद थे। हल्दी और अन्य रस्में संपन्न हो चुकी थीं। उसने पुलिस से विनती की कि कम से कम दो घंटे के लिए उसे आकाश से मिलाने की अनुमति दी जाए, ताकि विवाह संपन्न हो सके।

पिछली हिंसक घटनाओं का भी है जुड़ाव
पुलिस के मुताबिक, आकाश उर्फ भूरा हड्डी का नाम पहले भी गंभीर मामलों में आया है। 18 मार्च 2024 को भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाह की हत्या का मुख्य आरोपी वही था। सुरेंद्र की हत्या भोपाल सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार के पास हुई थी। सुरेंद्र अपने साथी को पैरोल खत्म होने के बाद जेल से छोड़कर लौट रहे थे, तभी आकाश के गुर्गों ने उन पर हमला किया और हत्या कर दी। इस घटना के बाद आकाश करीब 18 महीने जेल में रहा। चार महीने पहले ही वह जमानत पर रिहा हुआ था। उसके गैंग से जुड़े अन्य मामलों में भी उसने आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि आकाश और उसके गैंग के अन्य सदस्य राजमजी ठाकुर, अभिषेक उपाध्याय, अभिषेक मीणा, नीरज खानगे और अमित ओसवाल को गिरफ्तार कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से अपहरण में इस्तेमाल की गई बाइक और फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आकाश उपाध्याय ने पुजारी तक लड़की पहुंचाने और उसे बंधक बनाकर पैसे वसूलने की योजना बनाई थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि शादी में खर्च के लिए रकम की आवश्यकता थी। डीसीपी ने यह भी बताया कि अपहरण के दौरान पुजारी को गंभीर रूप से पीटा गया और धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पुजारी ने FIR दर्ज कराई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।

सामाजिक और कानूनी दृष्टि
इस पूरे मामले ने भोपाल में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर दुल्हन की व्यक्तिगत और पारंपरिक भावनाओं की संवेदनशीलता है, वहीं दूसरी ओर अपराध में शामिल व्यक्ति को न्याय की प्रक्रिया से अलग नहीं किया जा सकता। पुलिस और कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपराध में शामिल व्यक्ति से विवाह कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती, भले ही शादी की रस्में पूरी हो चुकी हों। यह घटना दिखाती है कि अपराध और सामाजिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है। आकाश जैसे गैंगस्टर समाज के लिए खतरा बने रहते हैं और उनकी गतिविधियों का प्रभाव केवल उनके ही नहीं बल्कि उनके परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
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