रामपुर: जेल के बाहर शनिवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई को लेकर काफी हलचल रही। दोनों को दो पैनकार्ड से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आना था। सुबह से ही समर्थकों और परिचितों की भीड़ जेल के आसपास जमा होने लगी थी। सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
हालांकि, आजम खां की रिहाई के बाद मामला उस समय बदल गया, जब जेल के बाहर मौजूद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उन्हें अपने साथ ले जाने पहुंच गई। अधिकारियों ने उन्हें वाहन में बैठाने की कोशिश की, लेकिन आजम खां ने विरोध जताते हुए गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया। इस दौरान समर्थकों ने भी नारेबाजी की। दूसरी ओर, अब्दुल्ला आजम रिहा होकर सीधे अपने घर के लिए रवाना हो गए।
जमानत के बाद पूरी हुई रिहाई की प्रक्रिया
दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम के रिहाई परवाने जारी किए थे। जमानत की शर्तों को पूरा करने के लिए आजम खां की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये जमा कराए गए। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों के रिहाई परवाने जेल प्रशासन तक पहुंचा दिए गए थे। इसके बाद शनिवार को जेल में रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। दोनों की रिहाई की खबर फैलते ही समर्थक सुबह से ही जेल के बाहर पहुंचने लगे थे।
अब्दुल्ला आजम के बाहर आते ही हुई आतिशबाजी
रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे पहले अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आए। वहां मौजूद समर्थकों ने उनका स्वागत किया और खुशी जाहिर की। उनके बाहर निकलते ही कुछ समर्थकों ने आतिशबाजी भी की। इसके बाद अब्दुल्ला आजम अपने घर के लिए रवाना हो गए। जेल के बाहर मौजूद लोगों के लिए यह खुशी का मौका था। बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने के कारण आसपास का इलाका काफी देर तक भीड़भाड़ वाला बना रहा। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
आजम खां ने ईडी अधिकारियों के सामने जताया विरोध
अब्दुल्ला आजम की रिहाई के बाद आजम खां जेल से बाहर आए तो ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए मौजूद थी। टीम के अधिकारियों ने उन्हें वाहन में बैठाने की कोशिश की, लेकिन आजम खां ने इस पर नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों के सामने विरोध दर्ज कराया और गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया। इस दौरान जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने ईडी की कार्रवाई के विरोध में नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ समय तक अधिकारियों और आजम खां के बीच घटनाक्रम को लेकर हलचल बनी रही। बाद में ईडी की टीम आजम खां को अपने साथ लेकर वहां से रवाना हो गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
सुबह से ही जेल के बाहर जुटे थे समर्थक
आजम खां और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की सूचना मिलने के बाद रामपुर जेल के बाहर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। समर्थकों के अलावा परिवार और परिचितों से जुड़े लोग भी वहां मौजूद थे। भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए जेल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था।
दिनभर जेल के बाहर दोनों की रिहाई को लेकर चर्चा बनी रही। अब्दुल्ला आजम के घर रवाना होने और आजम खां को ईडी की टीम के साथ ले जाने के बाद भी काफी देर तक वहां गहमागहमी का माहौल रहा। इस तरह एक ही दिन में दोनों की रिहाई के बाद अलग-अलग घटनाक्रम देखने को मिले।
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