‘बिहार की चिंता करने के लिए हम हैं, आप अपने परिवार पर ध्यान दें’, दिलीप घोष का तेजस्वी यादव पर तंज
कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने मंगलवार को राजद नेता तेजस्वी यादव के उस बयान को लेकर उन पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में मौजूदा समय में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि लोग कानून-व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं।
तेजस्वी यादव के इसी बयान पर दिलीप घोष ने तंज कसते हुए मीडिया से कहा कि पहले तेजस्वी अपने परिवार की समस्या का समाधान करें। निश्चित तौर पर मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि बिहार में एक ऐसी सरकार है, जो हर मसले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अगर प्रदेश के किसी भी हिस्से में कहीं पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो उससे निपटने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से सक्षम है और रही बात तेजस्वी यादव की, तो मैं उन्हें यही सुझाव दूंगा कि वो अपने परिवार पर ध्यान दें। बिहार की चिंता करने के लिए एक ऐसी सरकार सत्ता में है, जो निसंदेह दिन-रात जनता के बारे में ही सोचती रहती है।
साथ ही, उन्होंने दिग्विजय सिंह की तरफ से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह पहले अपनी पूर्व की सरकार की कार्यशैली को देखिए कि किस तरह से जब मनमोहन सिंह और नरसिम्हा राव के दौरान आतंकी हमले होते थे और हमारे सैनिकों पर हमला किया जाता था, तो तब की सरकार की हिम्मत तक नहीं होती थी कि वो पाकिस्तान के खिलाफ एक कदम भी उठा सके, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज की तारीख में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी हिम्मत रखते हैं। आज हम आतंकवाद के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करते हैं। हमारी सरकार कांग्रेस की सरकार की तरह नहीं है, जो आतंकवाद को लेकर किसी भी प्रकार का नरम रुख अख्तियार करती हो।
उन्होंने आगे दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे किसके साथ हैं, हमें अच्छे से पता है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने पुलिस ऑफिसर मोहन शर्मा की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि जब मोहन शर्मा की हत्या आतंकवादियों ने की थी, तो दिग्विजय सिंह उनके परिवार के पास गए थे और कहा था कि हम आपसे माफी मांगते हैं। उन्होंने मोहन शर्मा के परिवार से कहा था कि राहुल गांधी आपसे मिलने के लिए आने वाले थे, लेकिन वो किसी कारणवश नहीं आ सके। इसी वजह से हम आए।
दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं है, जिन्होंने एक वीर पुलिस के जवान के परिवार का समर्थन नहीं करते हुए एक आतंकवादी का समर्थन किया था। लेकिन, आज की तारीख में पीएम मोदी की सरकार में आतंकवादियों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है, बल्कि हम उनके घर में घुसकर उन्हें खत्म करने के सिद्धांत पर विश्वास रखते हैं।