पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल ( West Bengal) के बर्धमान जिले में केतुग्राम थाना इलाके में रेणु खातून को अस्पताल में नर्स की नौकरी मिली थी. इससे पति को इस बात का डर सता रहा था कि उसकी पत्नी सरकारी नौकरी (Government Job) के कारण उसका साथ छोड़ देगी. वह पत्नी का दाहिना हाथ काट दिया ताकि वह सरकारी अस्पताल में मिली नर्स की नौकरी ही न कर पाए, लेकिन पति की बर्बरता ने भी रेणु के जज्बा को रोक नहीं पाया. अस्पताल से छूटने के आठ दिन बाद पूर्वी बर्धमान (East Bardhaman) के केतुग्राम के चिनिसपुर निवासी रेणु खातून ने नई लड़ाई शुरू की. मंगलवार दोपहर वह पूर्वी बर्धमान जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में बतौर नर्स (ग्रेड-II) शामिल हुईं. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने रेणु का अभिनंदन किया. इसके बाद उन्होंने जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी प्रणब रॉय से अपने काम की जिम्मेदारी संभाली.

Full View

बता दें कि रेणु के हाथ काटने की कहानी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद पहल की थी और रेणु को सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिया था. इसके साथ ही आरोपी पति के खिलाफ कड़ा कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.

रेणु ने काम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा भी जताई. उन्होंने यह भी कहा कि वह पूरी लगन से काम करेंगी. अधिकारी प्रणब रॉय ने बताया कि स्वास्थ्य भवन से कोई नया निर्देश आने तक रेणु फिलहाल जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत रहेंगी. बता दें कि अक्टूबर 2016 में कोजलसर के शेख मोहम्मद ने पूर्वी बर्धमान के केतुग्राम के चिनिसपुर गांव निवासी अजीजुल हक की बेटी रेणु खातून से शादी की थी. अक्तूबर 2017 में में उसकी शादी शेर मोहम्मद से हुई थी. वह अपने पिता का इकलौता पुत्र है.

Tags: