वोटर लिस्ट अपडेट की तारीख बढ़ी, 19 अक्टूबर को फाइनल सूची

Update: 2026-07-15 12:38 GMT

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा में बदलाव किया है। दिल्ली समेत कई राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया की तारीखें आगे बढ़ा दी गई हैं। अब दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने इस संबंध में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी है।

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत या दोहरे नाम हटाने और मतदाता सूची में जरूरी सुधार किए जाते हैं। चुनाव आयोग समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाता है ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

चुनाव आयोग के नए आदेश के बाद दिल्ली में मतदाता सूची से जुड़ी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि तारीख बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाता है। इसके अलावा ऐसे नामों की जांच की जाती है जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या जिनमें किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना है। इस प्रक्रिया से चुनाव के दौरान मतदाता सूची की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए निर्देशों के अनुसार अब संशोधित समयसीमा के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने से पहले दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या किसी तरह के सुधार के लिए नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। चुनाव आयोग ने पहले भी लोगों से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच करें और किसी भी गलती की स्थिति में समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।

राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची को लेकर यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने नए मतदाता जुड़े हैं और कितने नाम हटाए गए हैं।

चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। सही और पारदर्शी मतदाता सूची से चुनावों में सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, SIR जैसी प्रक्रिया से चुनाव आयोग को मतदाता सूची में मौजूद कमियों को दूर करने का मौका मिलता है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि इस दौरान किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलती से सूची से न हटे।

अब दिल्ली समेत संबंधित राज्यों में संशोधित कार्यक्रम के अनुसार SIR प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को जारी होने के बाद ही चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। चुनाव आयोग की यह कवायद निष्पक्ष और बेहतर चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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