विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: ईडी ने कडप्पा के सांसद अविनाश रेड्डी को भेजा नोटिस
हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी को नोटिस जारी किया है। उन्हें अपने चाचा और आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में 14 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया गया है।
2019 के मर्डर केस में आरोपी अविनाश रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसएआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं। इस केस से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के सिलसिले में येरा गांगी रेड्डी और दूसरे आरोपियों से पूछताछ के बाद ईडी ने अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद को समन भेजा है।
इससे पहले गांगी रेड्डी दो दिन (28 और 29 सितंबर) हैदराबाद में ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए। केंद्रीय एजेंसी ने मर्डर की साजिश से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच के तहत उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तगीर (जो आरोपी से सरकारी गवाह बन गया है) से भी पूछताछ की।
ईडी ने पिछले हफ्ते सुनील यादव से पूछताछ की और उसका बयान दर्ज किया। खबरों के मुताबिक, इसी बयान के आधार पर गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से पूछताछ की गई। एजेंसी मर्डर से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है क्योंकि सीबीआई को शक है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपियों को 40 करोड़ रुपये की 'सुपारी' दी गई थी।
ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज केस और उसके द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। पिछले साल अगस्त में ईडी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। ईडी 4 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर और शेख दस्तगीर को एडवांस के तौर पर 1 करोड़ रुपये के पेमेंट की भी जांच कर रही है।
पिछले महीने ईडी ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई. एस भास्कर रेड्डी और मर्डर केस में शामिल दूसरे आरोपियों से जुड़ी जगहें भी शामिल थीं। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को चुनावों से कुछ सप्ताह पहले पुलिवेंदुला में उनके घर पर हत्या कर दी गई थी।
68 साल के पूर्व राज्य मंत्री और पूर्व सांसद अपने घर पर अकेले थे, तभी कुछ अनजान लोग अंदर घुसे और उनकी हत्या कर दी। विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 2020 में जांच अपने हाथ में ली। सुनीता रेड्डी ने कुछ रिश्तेदारों पर शक जताया था।
सीबीआई ने 2023 में भास्कर रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने 2021 में इस मामले में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।