भुवनेश्वर। ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पास से 21.88 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रसंजित दास को एजी चौक के पास रोका गया था। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पूछताछ शुरू की। नकदी के संबंध में संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाने पर उन्हें हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
एजी चौक के पास इंजीनियर को रोका
मिली जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस अधिकारियों ने प्रसंजित दास को एजी चौक के पास रोककर जांच की। इस दौरान उनके पास से कुल 21 लाख 88 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अधिकारियों ने इंजीनियर से नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी। बताया जा रहा है कि इंजीनियर नकदी के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद विजिलेंस टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका संबंध किसी अवैध लेनदेन से तो नहीं है।
नकदी के स्रोत की जांच में जुटी विजिलेंस
विजिलेंस विभाग अब बरामद रकम के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रहा है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि नकदी इंजीनियर की वैध आय से संबंधित है या इसके पीछे किसी अन्य प्रकार का वित्तीय लेनदेन है। अधिकारियों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद नकदी से संबंधित कोई दस्तावेज या अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जा सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से हड़कंप
सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर जैसे वरिष्ठ पद पर कार्यरत अधिकारी के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने का मामला चर्चा में है। हालांकि, केवल नकदी की बरामदगी से भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध नहीं होता। इसकी वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विजिलेंस टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। बरामद 21.88 लाख रुपये की रकम को लेकर इंजीनियर से पूछताछ जारी है। मामले में आगे होने वाली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
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