लड़की से मारपीट का वीडियो वायरल, चार आरोपियों की पहचान; गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
वीडियो करीब एक महीने पुराना है.
सांकेतिक तस्वीर
मधुबनी: सोशल मीडिया पर एक लड़की के साथ खेत में कुछ लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मधुबनी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो करीब एक महीने पुराना है और मामले में मारपीट करते दिख रहे चार लोगों की पहचान कर ली गई है।
मधुबनी पुलिस के सोशल मीडिया सेल को मॉनिटरिंग के दौरान यह वीडियो मिला। वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लड़की के परिजन से मुलाकात कर जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), मधुबनी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जयनगर को विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस के अनुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जयनगर ने वीडियो का सत्यापन करने के लिए पीड़िता के घर जाकर जांच की। इस दौरान पीड़िता के परिजन और आसपास के लोगों ने बताया कि वीडियो करीब एक माह पुराना है। पुलिस के मुताबिक, लड़की अपने एक पड़ोसी के साथ प्रेम प्रसंग के दौरान खेत में संदिग्ध स्थिति में पाई गई थी, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़कर उसके परिजन के सामने मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि उसी दिन स्थानीय लोगों ने लड़की और संबंधित युवक की उनकी राजी-खुशी से शादी करा दी थी। वर्तमान में लड़की अपनी ससुराल नेपाल में रह रही है। पुलिस ने बताया कि वीडियो में लड़की के साथ मारपीट करते दिख रहे चारों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इन सभी के खिलाफ जयनगर थाना अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर सघन छापेमारी की जा रही है।
मधुबनी पुलिस ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने अथवा उसकी गरिमा एवं निजता को प्रभावित करने वाली किसी भी फोटो, वीडियो, नाम, पता, पहचान संबंधी विवरण या अन्य सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना संज्ञेय अपराध है। पुलिस के अनुसार, ऐसा करना पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और आईटी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है।
पुलिस ने यह भी बताया कि घटना से संबंधित किसी भी अप्रमाणित सूचना या अफवाह को प्रसारित कर लोगों में भ्रम एवं अशांति उत्पन्न करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी की जा रही है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मधुबनी पुलिस ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।