नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर जिले से कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वसई लॉयर्स एसोसिएशन ने पार्टी के सदस्यों को कानूनी सहायता देने की बात कही है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर CJP के सदस्यों को कथित दमन का सामना करना पड़ता है या उनके खिलाफ मामले दर्ज होते हैं, तो जरूरत पड़ने पर मुफ्त कानूनी मदद दी जाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
वकीलों ने कहा- जरूरत पड़ी तो बिना फीस करेंगे पैरवी
वसई लॉयर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता दिगंबर देसाई ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में संगठन का रुख सामने रखा। उनसे पूछा गया था कि अगर CJP के सदस्यों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज होते हैं, तो क्या वकील उनके बचाव के लिए बिना फीस के अदालत में खड़े होंगे।
इस पर देसाई ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो उनकी संस्था न्यायिक मंच पर ऐसे लोगों की मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वकील ऐसे मामलों में समर्थन देने और कथित दमन का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं।
शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन की तैयारी
वसई लॉयर्स एसोसिएशन का यह बयान CJP के मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले आया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
CJP का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ काम किया है। ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें संबंधित पक्ष का राजनीतिक दावा माना जाना चाहिए। पार्टी ने प्रदर्शन के जरिए चुनाव प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों को भी उठाने की बात कही है।
मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी
CJP ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं देने के पीछे शिवाजी पार्क में गैर-खेल गतिविधियों को लेकर मौजूद नियमों, जरूरी नागरिक अनुमति नहीं होने और ट्रैफिक से जुड़ी संभावित परेशानियों का हवाला दिया गया है।
पुलिस ने आयोजकों को मुंबई में किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शन के लिए आवेदन करने का विकल्प भी बताया था। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर प्रदर्शन के अधिकार को रोका गया तो पार्टी ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेगी। पार्टी ने इसके बावजूद 2 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की बात दोहराई है।
कानूनी मदद का ऐलान क्यों महत्वपूर्ण?
वसई लॉयर्स एसोसिएशन की घोषणा ऐसे समय हुई है जब CJP और पुलिस के बीच प्रदर्शन की अनुमति को लेकर मतभेद सामने आए हैं। दिगंबर देसाई के अनुसार, अगर पार्टी के किसी सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज होता है और उसे कानूनी सहायता की जरूरत पड़ती है, तो एसोसिएशन के वकील न्यायिक प्रक्रिया में उसकी मदद कर सकते हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं होता। ऐसे मामलों में आगे की कार्रवाई कानून और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होती है। CJP ने मुंबई से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की योजना बताई है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है और SIR समेत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठा रही है।
मुंबई पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क में अनुमति नहीं मिलने के बावजूद CJP प्रदर्शन की घोषणा कर चुकी है। इसी बीच वसई लॉयर्स एसोसिएशन ने जरूरत पड़ने पर पार्टी के सदस्यों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की बात कही है।
अब 2 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले घटनाक्रम पर नजर रहेगी और यह भी देखा जाएगा कि प्रदर्शन को लेकर आयोजकों और प्रशासन के बीच आगे क्या स्थिति बनती है।
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