Elections 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग हुई है. शाम पांच बजे तक तमिलनाडु में लगभग 82.24% मतदान हुआ है. बंगाल में लगभग 89.93% मतदान हुआ है. यानि दोनों ही राज्यों में लोगों ने बड़ी संख्या में वोट डाला है. खासकर पश्चिम बंगाल में वोटिंग प्रतिशत काफी ज्यादा है, जो बताता है कि लोग चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक दिव्यांग (नेत्रहीन) मतदाता चंद्रशेखरन ने वोट डालने के बाद अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने और उनके साथियों ने तय किया था कि वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे, क्योंकि उनके इलाके में बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं. लेकिन बाद में अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि सुविधाओं में सुधार किया जाएगा. इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने अपना फैसला बदला और इस बार वोट डालने का निर्णय लिया.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अमित शाह मतदान के दिन कोलकाता में बैठकर अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह सब चुनाव को प्रभावित करने के लिए हो रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि आज जो बड़ी संख्या में लोग वोट डालने निकले हैं, वह लोगों के विरोध और गुस्से का संकेत है. मुख्यमंत्री ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास बूथ एजेंट नहीं हैं, इसलिए अधिकारी और एजेंसियों पर दबाव बनाया जा रहा है.
पहले चरण में मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने मुर्शिदाबाद के जियागंज में वोट डाला. उन्होंने दोपहर में प्रीतम सिंह प्राइमरी स्कूल में बने पोलिंग बूथ नंबर 26 पर जाकर अपना वोट दिया. खास बात यह रही कि वे किसी खास व्यवस्था के बिना आम लोगों की तरह लाइन में खड़े हुए और अपनी बारी आने का इंतजार किया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान अभिनेता विशाल कृष्ण रेड्डी ने वोट डालने के बाद लोगों से खास अपील की. ​​उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना वोट डाल दिया है और जो लोग अभी तक वोट नहीं डाल पाए हैं, वे घर से निकलकर जरूर वोट करें, क्योंकि हर एक वोट बहुत अहम होता है.
पश्चिम बंगाल के आसनसोल साउथ विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दिन उस वक्त तनाव बढ़ गया जब BJP उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने अपनी गाड़ी पर हमले का आरोप लगाया. 
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दौरान बीरभूम जिले के सिउड़ी इलाके में वोटिंग के समय विवाद हो गया. बीजेपी की एक उम्मीदवार का टीएमसी की एक कार्यकर्ता से बहस हो गई. बीजेपी उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता वोटरों को डरा रही है और उसे पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में रहने का हक नहीं है. इस पर टीएमसी कार्यकर्ता ने जवाब दिया कि वह किसी को डरा नहीं रही थी. उसका कहना था कि वह सिर्फ एक दिव्यांग मतदाता की मदद कर रही थी, ताकि वह ठीक से वोट डाल सके.
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