चचेरे भाई-बहन के प्रेम संबंध पर बवाल! पंचायत के फैसले के बाद सिर मुंडवाने और गांव निकाले का आरोप

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Update: 2026-06-24 08:42 GMT
Samastipur. समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, सामाजिक परंपराओं, पंचायत की भूमिका और कानून को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पूसा थाना क्षेत्र के एक गांव में आपस में चचेरे भाई-बहन बताए जा रहे एक किशोर और किशोरी के प्रेम संबंध तथा कथित विवाह को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि पंचायत में दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उनकी पिटाई की गई, सिर मुंडवा दिया गया और गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया गया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किशोर और किशोरी एक ही परिवार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और साथ रहते हुए उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। समय के साथ यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों के संबंधों की जानकारी परिवार को बाद में हुई।

बताया जा रहा है कि करीब आठ महीने पहले दोनों घर छोड़कर कहीं चले गए थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह भी कर लिया। हालांकि इस विवाह की कानूनी स्थिति और उससे जुड़े तथ्यों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों को जब दोनों के ठिकाने की जानकारी मिली तो उन्हें वापस गांव बुलाया गया। गांव लौटने के बाद मामले को लेकर परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। बताया जा रहा है कि पंचायत के दौरान किशोर और किशोरी से अलग-अलग उनकी इच्छा पूछी गई। दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने और जीवन बिताने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद गांव में माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

किशोरी का आरोप है कि जब उसने पंचायत के सामने युवक के साथ रहने की बात कही तो उसे प्रताड़ित किया गया। उसके अनुसार, पंचायत के फैसले के बाद उसकी पिटाई की गई और बाल काट दिए गए। इतना ही नहीं, उसका सिर मुंडवाकर उस पर कालिख और चूना भी लगाया गया। इसी प्रकार युवक के साथ भी कथित रूप से मारपीट किए जाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि पंचायत ने दोनों को गांव छोड़ने का आदेश भी दिया। हालांकि पंचायत के इस कथित फैसले को लेकर आधिकारिक रूप से कोई दस्तावेज या बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

मारपीट और कथित अपमानजनक व्यवहार के बाद दोनों समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इलाज कराने का प्रयास किया। लेकिन अस्पताल में लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद दोनों वहां से चले गए। इसके बाद से पुलिस दोनों की तलाश कर रही है ताकि उनका बयान दर्ज किया जा सके और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। सूत्रों के अनुसार, दोनों की उम्र करीब 16 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। यदि यह जानकारी सही पाई जाती है, तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि दोनों नाबालिग श्रेणी में आ सकते हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच के बाद ही इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष निकाला जाएगा।

पूसा थाना अध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गांव पहुंची थी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से अब तक लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और तथ्यों की जांच की जा रही है। थाना अध्यक्ष के अनुसार, पुलिस टीम ने समस्तीपुर सदर अस्पताल में भी दोनों की तलाश की थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि दोनों के बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। एक ओर यह रिश्तों और सामाजिक मान्यताओं से जुड़ी संवेदनशील बहस को जन्म देता है, वहीं दूसरी ओर पंचायत द्वारा कथित तौर पर दी गई सजा, सार्वजनिक अपमान और मारपीट जैसे आरोप कानून और मानवाधिकारों के दायरे में गंभीर चिंता का विषय हैं। भारतीय कानून किसी भी व्यक्ति के साथ हिंसा, जबरन दंड या सार्वजनिक अपमान की अनुमति नहीं देता। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में मारपीट, उत्पीड़न या कानून हाथ में लेने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।
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